राज्य आंदोलनकारी और यूकेडी के वरिष्ठ सदस्य असीम बख्श के निधन से संगठन में शोक
नैनीताल। उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ और समर्पित कार्यकर्ता असीम बख्श के निधन की खबर से राज्य के सामाजिक और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल ने उनके असामयिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए दिल तोड़ने वाली खबर है।
डॉ. जंतवाल ने कहा कि असीम भाई न केवल उत्तराखंड क्रांति दल के सशक्त स्तंभ थे, बल्कि राज्य आंदोलन के अग्रणी कार्यकर्ताओं में से भी एक रहे। उन्होंने राज्य निर्माण की लड़ाई में सक्रिय भागीदारी निभाई और आंदोलन के बाद भी जनता की समस्याओं के निराकरण में पूरी निष्ठा से लगे रहे।
राज्य निर्माण के पश्चात दल द्वारा उन्हें पालिका सभासद पद के लिए प्रस्तावित किया गया, जिसके बाद वे सभासद निर्वाचित हुए। तत्कालीन पालिका अध्यक्ष श्यामनारायण जी के साथ मिलकर उन्होंने कई जनहित कार्यों को सक्रियता से आगे बढ़ाया।
डॉ. जंतवाल ने बताया कि असीम भाई को उनकी आंदोलनकारी भूमिका के लिए “राज्य आंदोलनकारी” का दर्जा भी प्रदान किया गया। वे नैनीताल के मूल निवासी थे और यहां की भाषा, बोली, संस्कृति और परंपराओं में गहरी रुचि रखते थे। सामाजिक और राजनीतिक चर्चाओं में उनकी भागीदारी हमेशा सार्थक रही।
वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। जीवनयापन के लिए उन्होंने कई कार्य किए, लेकिन उनका मन सदा जनसेवा और सामाजिक संघर्षों में रमता था। उनका जाना हम सभी के लिए एक बड़ी क्षति है।
डॉ. जंतवाल ने कहा, “इस दुखद घड़ी में हम उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि शोकसंतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें।”
