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हल्द्वानीपंचायत चुनाव का माहौल पूरे उत्तराखंड में चरम पर है और प्रत्याशी जनता से संपर्क साधने में जुटे हैं। ऐसे में हल्द्वानी ब्लॉक के चांदनी चौक घुड़दौड़ा ग्रामसभा से एक प्रेरणादायक दृश्य सामने आया है, जहां एक दिव्यांग महिला ग्राम प्रधान पद के लिए चुनाव मैदान में उतरी हैं और उनके पति खुद उनके प्रचार की कमान संभाल रहे हैं।

ग्राम प्रधान पद की प्रत्याशी पुष्पा रजवार शारीरिक रूप से अक्षम जरूर हैं, लेकिन उनके हौसले किसी पर्वत से कम नहीं। वह समाज सेवा के जज्बे के साथ गांव की छोटी सरकार का नेतृत्व करने के लिए मैदान में हैं। खास बात यह है कि उनके पति कृपाल सिंह रजवार, जो स्वयं भी दिव्यांग हैं, हर कदम पर उनका संबल बनकर साथ निभा रहे हैं।

कृपाल सिंह अपनी पत्नी को चार पहियों वाली स्कूटी पर बैठाकर गांव-गांव, घर-घर प्रचार के लिए ले जाते हैं और खुद भी मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। उनका मानना है कि “जब इरादे मजबूत हों, तो शारीरिक सीमाएं कोई मायने नहीं रखतीं।”

पुष्पा रजवार का कहना है कि उन्होंने समाज सेवा की भावना से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है और जनता का अच्छा खासा समर्थन उन्हें मिल रहा है। उनका सपना है कि यदि वे ग्राम प्रधान चुनी जाती हैं तो अपने गांव को “डिजिटल गांव” के रूप में विकसित करेंगी।

पूर्व ग्राम प्रधान दीपा रजवार ने भी पुष्पा रजवार का समर्थन करते हुए कहा कि, “पुष्पा दिव्यांग जरूर हैं, लेकिन उनके विचार और संकल्प बेहद मजबूत हैं। उनके पति भी समाजसेवा में लंबे समय से सक्रिय हैं, इसलिए जनता उन्हें परिवार की तरह मानती है।”

चुनावी प्रचार के दौरान दिव्यांगता कहीं से भी बाधा नहीं बन रही है, बल्कि यह दंपती ग्रामीण क्षेत्र में हौसले की मिसाल बनकर उभरा है। पुष्पा और कृपाल की यह जोड़ी यह साबित कर रही है कि समाज सेवा की राह में समर्पण ही सबसे बड़ी ताकत होती है।


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