जल निगम मुख्यालय में हंगामा: महिला जेई पर परिवार तोड़ने का आरोप, मारपीट और गहमागहमी से इंटरव्यू प्रक्रिया भी बाधित
देहरादून। उत्तराखंड जल संस्थान निर्माण विंग के मुख्यालय में शनिवार को उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला उपनल कर्मचारी की पत्नी ने महिला जूनियर इंजीनियर (जेई) पर उसके पारिवारिक जीवन में दखल देने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि गालीगलौज, खींचतान और मारपीट जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यालय में तैनात एक महिला जेई पर आरोप लगाने पहुंची उपनल कर्मचारी की पत्नी का कहना था कि उनके पति अब परिवार को समय नहीं दे रहे हैं और उनके आपसी रिश्तों में तनाव बढ़ता जा रहा है, जिसकी वजह वह पूरी तरह महिला जेई को मानती हैं।
विवाद के दौरान पहले महिला जेई और कर्मचारी की पत्नी के बीच जमकर गालीगलौज और खींचतान हुई। मामला तब और बिगड़ गया जब महिला जेई की मां भी कार्यालय पहुंच गईं। दोनों पक्षों के परिजन एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए आपस में उलझ गए और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
स्थिति बिगड़ती देख कार्यालय के अन्य कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों को कार्यालय से बाहर निकाला, लेकिन मुख्यालय परिसर के बाहर भी दोनों पक्षों में कहासुनी और हंगामा चलता रहा।
इसी बीच, जल निगम के एमडी रणवीर सिंह चौहान मुख्यालय में जायका प्रोजेक्ट के अंतर्गत कंसल्टेंट चयन हेतु इंटरव्यू प्रक्रिया का संचालन कर रहे थे। हंगामे की वजह से कुछ समय के लिए यह प्रक्रिया भी बाधित हुई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अधीक्षण अभियंता विद्युत यांत्रिक प्रवीन कुमार राय ने संबंधित अधिशासी अभियंता से तत्काल रिपोर्ट तलब की है। वहीं, निर्माण गढ़वाल के महाप्रबंधक सोहित कुमार बर्नवाल ने स्थिति को देखते हुए विवादित डिवीजन के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए हैं कि वह अस्थायी रूप से अपना कार्यालय मुख्यालय भवन से अन्यत्र स्थानांतरित करें।
