नैनीताल: अंतर्राष्ट्रीय जनजाति दिवस पर जिलेभर में जागरूकता शिविर आयोजित
नैनीताल। माननीय उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देश और जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल हरीश कुमार गोयल के मार्गदर्शन तथा सचिव बीनू गुलयानी के निर्देशन में शनिवार (9 अगस्त 2025) को संपूर्ण जिले में अंतर्राष्ट्रीय जनजाति दिवस के उपलक्ष्य में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।
शिविरों में प्रतिभागियों को बताया गया कि अंतर्राष्ट्रीय जनजाति दिवस हर वर्ष 9 अगस्त को विश्वभर में आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत, अधिकारों और योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1982 में जिनेवा में हुई ‘आदिवासी जनसंख्या पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह’ की पहली बैठक से हुई थी।
अंतर्राष्ट्रीय जनजाति दिवस का महत्व
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आदिवासी समुदायों की अनूठी संस्कृति, भाषा और परंपराओं का संरक्षण व संवर्धन।
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आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा और आत्मनिर्णय के अधिकार को बढ़ावा।
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उनके सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक योगदान को सम्मानित करना।
इस वर्ष की थीम “खाद्य सुरक्षा और संप्रभुता के लिए आदिवासियों को आत्मनिर्णय का अधिकार” है, जो पारंपरिक कृषि प्रणालियों, भूमि और संसाधनों पर आदिवासियों के शासन के अधिकार और उनकी खाद्य सुरक्षा के महत्व पर बल देती है।
शिविर में यह भी बताया गया कि जनजाति समुदाय का कोई भी व्यक्ति यदि कानूनी जानकारी या सहायता चाहता है तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से नि:शुल्क कानूनी सेवा प्राप्त कर सकता है।
