हल्द्वानी में अधूरी योजनाओं का अंबार, जनता त्रस्त – जवाबदेही शून्य
पूर्व सचिव एडवोकेट विनीत परिहार की आरटीआई से हुआ खुलासा
हल्द्वानी की जनता को अभी तीन साल और झेलनी पड़ सकती है सड़क व जल-सीवरेज की अव्यवस्थाएं

हल्द्वानी, 16 अगस्त 2025: हल्द्वानी बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव एडवोकेट विनीत परिहार द्वारा दायर एक आरटीआई (सूचना का अधिकार) के तहत मिली जानकारी में बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी शहर में पेयजल आपूर्ति और सीवरेज प्रणाली का निर्माण कार्य तीन अलग-अलग पैकेजों में किया जा रहा है, जिसकी कुल परियोजना अवधि 48 माह (चार वर्ष) निर्धारित है। अभी इस परियोजना को शुरू हुए मात्र 1 वर्ष ही हुआ है, अर्थात शहरवासियों को अभी कम से कम तीन साल और इसी बदहाल व्यवस्था का सामना करना पड़ सकता है।
तीन पैकेजों में हो रहा निर्माण कार्य:
पैकेज-1: मैसर्स टीसीपी-ईएमएस (जेवी), दिल्ली — लागत ₹460.92 करोड़
पैकेज-2: मैसर्स बीआईपीएल-डीआरए (जेवी), अहमदाबाद — लागत ₹560.46 करोड़
पैकेज-3: मैसर्स वीवीआरपीएल, राजस्थान — लागत ₹415.48 करोड़
एडवोकेट विनीत परिहार ने बताया कि निर्माण कार्य पूरी तरह से अव्यवस्थित और गैर-व्यवसायिक तरीके से किया जा रहा है। एक स्थान पर अधूरा काम छोड़कर दूसरी जगह काम शुरू कर दिया जा रहा है, जिससे पूरे शहर में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा, “हल्द्वानी कुमाऊँ का मुख्य द्वार है, लेकिन यहाँ की सड़कें खुदी हुई हैं, नालियाँ जाम हैं और बारिश के समय लोगों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। दुर्घटना की आशंका हर जगह बनी हुई है, लेकिन ना कोई सुनवाई है और ना ही किसी की जवाबदेही तय की गई है।”
विनीत परिहार ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर जल्द ही उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दाखिल करने की योजना है ताकि जनता की पीड़ा को न्याय मिल सके और कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय हो।
