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नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: अपहरण, वोट डकैती और गोलीबारी के आरोप, भाकपा (माले) ने की सख्त कार्रवाई की मांग

नैनीताल: जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाकपा (माले) ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पांच जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण कर वोट की डकैती की गई, जो लोकतंत्र की खुलेआम हत्या है। पार्टी का कहना है कि अपहरण किए गए सदस्यों द्वारा अगले दिन नाटकीय अंदाज में वीडियो जारी कर “घूमने” की बात कहना अपहरण और अपराध की सच्चाई को छुपा नहीं सकता।

भाकपा (माले) नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह पूरा घटनाक्रम भाजपा सरकार के संरक्षण में हुआ। इस मामले में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। विपक्ष का कहना है कि जिलाधिकारी नैनीताल और एसएसपी नैनीताल ने अपहरण प्रकरण में मूकदर्शक की भूमिका निभाई और भाजपा को संरक्षण देते हुए दिखाई दिए। इस मामले पर माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल ने भी संज्ञान लिया है।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि न सिर्फ नैनीताल में अपहरण की वारदात हुई, बल्कि बेतालघाट में भाजपा समर्थकों द्वारा गोलीबारी भी की गई। पार्टी का कहना है कि भाजपा पूरे उत्तराखण्ड में “हर हाल में जीत” के सूत्र वाक्य पर काम कर रही है, चाहे इसके लिए अपहरण, गोलीबारी, धनबल या प्रशासनिक दबाव का सहारा ही क्यों न लेना पड़े।

भाकपा (माले) ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जिम्मेदार ठहराया है और उनके इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने कहा कि पंचायती लोकतंत्र की हत्या से लेकर विपक्ष की आवाज को दबाने तक की हर कोशिश मुख्यमंत्री की शह पर हो रही है।

पार्टी ने स्पष्ट मांग की है कि नैनीताल जिले की जिलाधिकारी और एसएसपी को तुरंत बर्खास्त किया जाए। साथ ही, पंचायत चुनावों में लोकतंत्र की हत्या पर मुख्यमंत्री को पद छोड़ना चाहिए। भाकपा (माले) ने कहा कि अब समय आ गया है जब संपूर्ण विपक्ष को एकजुट होकर भाजपा सरकार के खिलाफ जन आंदोलन की राह पकड़नी होगी। गरीब जनता के आवास पर बुलडोजर की कार्रवाई, धार्मिक उन्माद की राजनीति और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिशों के खिलाफ भाजपा सरकार को सत्ता से हटाना वक्त की मांग है।


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