विधायक ज्ञापन देने का काम विपक्ष पर छोड़ें, अधिसूचना जारी कराएं : डॉ. कैलाश पांडेय
बिंदुखत्ता में विधायक के रवैये से बढ़ा आक्रोश, आंदोलन का माहौल
बिंदुखत्ता। भाकपा (माले) बिंदुखत्ता कमेटी की बैठक दीपक बोस भवन, कार रोड चौराहा बिंदुखत्ता में सम्पन्न हुई। बैठक में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने के मुद्दे पर भाजपा सरकार और लालकुआं विधायक के रवैए की कड़ी निंदा की गई।
भाकपा (माले) नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पांडेय ने कहा कि लालकुआं विधायक कभी मुख्यमंत्री, कभी राजस्व सचिव और कभी मुख्य सचिव को ज्ञापन देने की नौटंकी करने में लगे रहते हैं। जबकि पहले वे खुद कहते रहे हैं कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और बस घोषणा बाकी है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि सारी फाइलें और प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं, तो फिर विधायक ज्ञापन देने का काम विपक्ष पर छोड़ दें और मुख्यमंत्री से अधिसूचना जारी कराएं। अन्यथा यही समझा जाएगा कि वे अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल की असफलताओं को छुपाने के लिए “ज्ञापन-ज्ञापन खेल” खेल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही रवैया जारी रहा तो बिंदुखत्ता की जनता एक बड़े आंदोलन को बाध्य होगी।
बिंदुखत्ता कमेटी सचिव पुष्कर दुबड़िया ने कहा कि बार-बार जनता को राजस्व गांव के नाम पर छल किया गया है। लेकिन इस बार अगर भाजपा सरकार ने वादाखिलाफी की तो जनता आगामी विधानसभा चुनाव में विधायक और भाजपा को करारा जवाब देगी।
बैठक में स्थानीय समस्याओं पर भी जोरदार चर्चा हुई। इसमें आवारा गोवंश की समस्या का समाधान, सेंचुरी पेपर मिल से निकलने वाले प्रदूषित नाले को भूमिगत करने, क्षेत्र में घूम रहे मगरमच्छों को पकड़ने तथा गौला नदी पर स्थायी तटबंध बनाए जाने की मांग उठाई गई। चेतावनी दी गई कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
साथ ही, बैठक से बागजाला गांव में पिछले 20 दिनों से चल रहे अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन को सक्रिय समर्थन देने की घोषणा की गई।
बैठक में जिला सचिव डॉ. कैलाश पांडेय, वरिष्ठ नेता भुवन जोशी, बिंदुखत्ता सचिव पुष्कर दुबड़िया, किशन बघरी, नैन सिंह कोरंगा, गोविंद सिंह जीना, निर्मला शाही, चंदन राम, कमल जोशी, धीरज कुमार, हरीश भंडारी, आनंद सिंह दानू, अंबा दत्त बचखेती, किशन सिंह जग्गी समेत अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
