चार लोग बने हल्द्वानी में ऑनलाइन ठगी के शिकार, 7.11 लाख रुपये हड़पे
महिला समेत चार लोगों के साथ 7 लाख से ज्यादा की ठगी
हल्द्वानी। ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और लोग लालच व भरोसे के कारण बड़ी रकम गवां रहे हैं। ताज़ा मामलों में हल्द्वानी के अलग-अलग क्षेत्रों के चार लोग साइबर ठगों के निशाने पर आए, जिनके खातों से कुल 7.11 लाख रुपये उड़ाए गए। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर धोखाधड़ी के अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुखानी निवासी ऊषा सिंह ने बताया कि दिसंबर 2024 में उनके बेटे ने मर्चेंट नेवी में नौकरी के लिए एक एजेंट से ऑनलाइन संपर्क किया। 20 दिसंबर को अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया और नौकरी लगवाने के नाम पर 1.70 लाख रुपये खाते में जमा करा लिए गए। बाद में जब बेटे ने दोबारा कॉल किया तो फोन बंद मिला और एजेंट लापता हो गया।
बनभूलपुरा निवासी परवेज को 18 फरवरी 2025 को अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने पैसे दोगुने करने का झांसा दिया। शुरुआत में परवेज ने 5 हजार रुपये भेजे तो थोड़ी देर बाद खाते में 10 हजार रुपये वापस आ गए। इस पर भरोसा कर उसने 3.28 लाख रुपये पांच किस्तों में ठगों के बताए खातों में डाल दिए। इसके बाद न तो रकम लौटी और न ही कॉल रिसीव हुआ।
काठगोदाम निवासी ललित चंद्र के पास 25 फरवरी को कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को निजी बैंक का प्रतिनिधि बताया और एटीएम कार्ड के अंतिम चार अंक पूछ लिए। ललित के अंक बताने के बाद कॉल कट गया और कुछ देर में उनके खाते से 1.13 लाख रुपये निकल गए। तभी उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ।
कोतवाली क्षेत्र निवासी प्रतीक को व्हाट्सएप पर मैसेज मिला कि यदि वह पैसे निवेश करेगा तो दोगुनी राशि लौटाई जाएगी। पहली बार में 40 हजार रुपये लगाने पर 44 हजार वापस भी मिले। इस पर भरोसा कर प्रतीक ने एक लाख रुपये और जमा कर दिए, लेकिन इस बार न तो रकम लौटी और न ही कॉल रिसीव हुआ।
चारों मामलों में पुलिस ने धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें और न ही अपने बैंक संबंधी विवरण साझा करें।
