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इस जिले में गुलदार का आतंक, बच्ची की जान लेने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश

पौड़ी। गढ़वाल क्षेत्र में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताज़ा मामला पौड़ी जिले के पोखड़ा ब्लॉक के श्रीकोट गांव का है, जहां शनिवार देर शाम गुलदार ने एक मासूम बच्ची पर हमला कर उसकी जान ले ली। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी गुलदार ने उस पर झपट्टा मार दिया। चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी।

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़ने और मारने की मांग तेज कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ महीनों से क्षेत्र में गुलदार बार-बार मवेशियों और बच्चों पर हमला कर रहा है, लेकिन वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

गांव वालों ने मांग की है कि:

  • गुलदार को पकड़ने के लिए ट्रेंकुलाइज़र गन और पिंजरे का इस्तेमाल किया जाए।

  • गांव और स्कूलों के आसपास झाड़ियां और पेड़ हटाए जाएं ताकि गुलदार के छिपने की जगह खत्म हो।

  • फसलों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए विशेष बजट आवंटित किया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।

चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को वन विभाग की ओर से 1 लाख 80 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता राशि प्रदान कर दी गई है। साथ ही विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि गुलदार की गतिविधियों पर तुरंत नियंत्रण पाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टीम मौके पर भेज दी गई है और जल्द ही ट्रेंकुलाइज़र व पिंजरे के जरिए गुलदार को पकड़ने की कोशिश की जाएगी।

गौरतलब है कि पौड़ी, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में पिछले एक वर्ष में दर्जनों मामलों में गुलदारों ने बच्चों और मवेशियों पर हमला कर उनकी जान ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में शिकार की कमी और मानव बस्तियों के लगातार जंगल की ओर बढ़ते विस्तार के कारण गुलदार गांवों की तरफ आ रहे हैं।


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