कपकोट के नान कन्यालिकोट गांव में महिलाओं को मिला जलवायु आधारित कृषि का प्रशिक्षण
ग्रामोथान रीप परियोजना द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में 25 महिलाओं ने लिया भाग, जैविक खेती व जलवायु अनुकूल कृषि पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
संवाददाता: सीमा खेतवाल, बागेश्वर
दिनांक 19 सितंबर 2025 को जनपद बागेश्वर के कपकोट ब्लॉक अंतर्गत ग्राम नान कन्यालिकोट में ग्रामोथान रीप परियोजना के तत्वावधान में जलवायु आधारित कृषि प्रशिक्षण (CSA Training) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 25 महिला किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के आयोजन में AM-वैल्यू चेन, YPKM/IT, M&E ब्लॉक कपकोट और CLF टीम हरसीला की महत्वपूर्ण भागीदारी रही।
प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से अवगत कराते हुए कृषि के ऐसे उपायों की जानकारी देना था, जिससे न केवल उत्पादकता में वृद्धि हो, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे।
मुख्य बिंदु: जलवायु स्मार्ट कृषि की ओर कदम
प्रशिक्षण में महिलाओं को जलवायु आधारित खेती की तकनीकों से परिचित कराया गया, जिनमें निम्नलिखित विषय प्रमुख रहे:
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जैविक खेती: रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों से परहेज कर प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित खेती करने के तरीकों को समझाया गया, जिससे मिट्टी की सेहत और पर्यावरण की गुणवत्ता बनी रहे।
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मल्चिंग तकनीक: मिट्टी की नमी बनाए रखने और खरपतवारों पर नियंत्रण के लिए मल्चिंग के उपयोग पर जोर दिया गया।
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बीज संरक्षण: मौसम के अनुरूप अनुकूल बीजों का चयन और संरक्षण करने की विधियों पर चर्चा हुई।
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एकात्मिक कृषि प्रणाली: खेती और पशुपालन को एकीकृत कर कृषि प्रणाली को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की जानकारी दी गई।
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ड्रिप सिंचाई: जल संरक्षण की दृष्टि से ड्रिप सिंचाई प्रणाली को अपनाने पर बल दिया गया, जिससे पौधों को आवश्यकतानुसार पानी उपलब्ध कराया जा सके।
प्रशिक्षण के उद्देश्य और लाभ
इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को जलवायु स्मार्ट कृषि के सिद्धांतों की गहरी समझ प्रदान की गई। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य था:
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जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाना।
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कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि करना।
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जलवायु के अनुसार फसल योजना बनाना और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना।
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महिला किसानों को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना।
प्रशिक्षण में महिलाओं को जैविक खाद, प्राकृतिक कीटनाशक, भूमि उपचार और बीज संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम ने महिलाओं को न केवल नई कृषि तकनीकों से अवगत कराया, बल्कि उन्हें जलवायु परिवर्तन के प्रति सजग बनाते हुए उनके अनुकूलन की क्षमता को भी बढ़ाया।
ग्राम नान कन्यालिकोट में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिससे वे अपनी पारंपरिक कृषि पद्धतियों में सुधार कर बेहतर उत्पादन और आय अर्जित कर सकेंगी।

