पेपर लीक प्रकरण पर मालधन में फूटा आक्रोश, युवाओं ने की सीबीआई जांच की मांग
मालधन। शहीद भगत सिंह के जन्मदिवस (21 सितम्बर) के दिन यूकेएसएसएससी द्वारा आयोजित परीक्षा में हुए पेपर लीक प्रकरण को लेकर मालधन में छात्रों, युवाओं और महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस चौकी से जुलूस निकालकर पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच, रोजगार को मौलिक अधिकार घोषित करने और सभी को रोजगार की गारंटी देने की मांग की।

सभा का संचालन सरस्वती जोशी ने किया। इस दौरान छात्रों ने कहा कि उन्होंने दिन-रात मेहनत कर परीक्षा दी थी, लेकिन परीक्षा कक्ष से बाहर आते ही पेपर लीक की खबर ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। आरोप लगाया गया कि प्रदेश में यह परीक्षा 15 लाख रुपये में बेची गई और इस घोटाले में मंत्री से लेकर सरकारी अधिकारी तक लिप्त हैं। वक्ताओं ने कहा कि यदि सीबीआई जांच कराई गई तो सरकार की पोल खुल जाएगी, इसी कारण मुख्यमंत्री जांच से बच रहे हैं।
छात्रों ने याद दिलाया कि 416 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में एक लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। यदि पेपर लीक न भी होता, तो भी 99.5 प्रतिशत युवा बेरोजगार रह जाते। उन्होंने कहा कि देश में रोजगार की समस्या विकराल हो चुकी है और इसे हल करने के लिए संविधान में संशोधन कर रोजगार को मौलिक अधिकार बनाया जाना चाहिए।

सभा में वक्ताओं ने भाई-भतीजावाद पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री का बेटा क्रिकेट बोर्ड का अध्यक्ष है, ट्रांसपोर्ट मंत्री का बेटा एक्सपोर्टर, पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी विधानसभा अध्यक्ष है, जबकि आम आदमी के बेटे-बेटियां रोजगार के लिए भटक रहे हैं। यह व्यवस्था बदलनी होगी।
युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
सभा को छात्र नेता हरजीत, सुमन, गौरव टम्टा, परेश, महिला एकता मंच की ललिता रावत, समाजवादी लोक मंच के संयोजक मुनीष कुमार, प्रगतिशील महिला एकता मंच की तुलसी छिम्वाल, परिवर्तन पार्टी के प्रभात ध्यानी और अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
