हल्द्वानी। प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आयुक्त/सचिव मा॰ मुख्यमंत्री, दीपक रावत, ने शनिवार को हल्द्वानी में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएँ सुनीं और कई गंभीर प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया। शेष मामलों में उन्होंने अधिकारियों को त्वरित और पारदर्शी कार्यवाही के निर्देश दिए।

जनता की आवाज़ को सीधे प्रशासन तक पहुँचाने के इस प्रयास में कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए, जिन पर आयुक्त ने तुरंत एक्शन लिया।

फैक्ट्री दुर्घटना और श्रम कानून उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

जनता मिलन में हल्द्वानी की एक फैक्ट्री में एक महिला श्रमिक के हाथ की अंगुलियाँ कटने का गंभीर मामला सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि फैक्ट्री में बिना प्रशिक्षण खतरनाक मशीनें चलाई जा रही थीं, कर्मचारियों को ई॰एस॰आई॰ (ESI) का लाभ नहीं दिया जा रहा था और वेतन अधिनियम का पालन नहीं हो रहा था।

आयुक्त का निर्देश: दीपक रावत ने श्रम विभाग को तुरंत निर्देश दिए कि पीड़िता को कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत मुआवजा दिलाया जाए और फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू की जाए।

प्रशासनिक अधिकारियों को धमकी देने पर चेतावनी

हल्द्वानी तहसील से जुड़े एक प्रकरण की सुनवाई के दौरान सामने आया कि एक शिकायतकर्ता (जिसने RTI दाखिल की थी) पटवारी पर दबाव बना रहा था और रात में फोन कर आत्महत्या की धमकी भी दे रहा था। यह मामला अमीन की अनियमितता के आरोप से जुड़ा था।

आयुक्त की अपील: आयुक्त ने इस कृत्य को गंभीर विषय बताया और कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को धमकियाँ मिलना अस्वीकार्य है और इनकी रिपोर्ट दर्ज कराना आवश्यक है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे अपनी समस्याएँ केवल शांतिपूर्ण और विधिक तरीके से ही प्रस्तुत करें।

POCSO मामले में हस्तक्षेप पर 3 सदस्यीय जाँच समिति गठित

एक अन्य संवेदनशील मामले में एक पत्रकार पर POCSO एक्ट से जुड़े प्रकरण में मध्यस्थता करने और धन की मांग करने का गंभीर आरोप लगा।

आयुक्त का एक्शन: आयुक्त ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित कर 20 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि POCSO जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की मध्यस्थता या हस्तक्षेप अस्वीकार्य है और ऐसा करना कानूनन अपराध है।

भूमि घोटाले और अवैध प्लॉटिंग पर तत्काल जाँच के आदेश

उद्यम सिंह नगर के दिनेशपुर क्षेत्र में भूमि घोटाले और अवैध प्लॉटिंग से संबंधित शिकायत पर आयुक्त दीपक रावत ने सख्त रुख अपनाया।

कार्रवाई का निर्देश: उन्होंने एसडीएम को मौके पर जाकर जाँच करने और दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्थानीय विकास और पशुपालन पर भी दिए निर्देश

पार्क और ई-टॉयलेट: पार्षद धरमवीर शासक की वार्ड-14 में बच्चों और बुजुर्गों के लिए पार्क निर्माण और ई-टॉयलेट की मांग पर आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पालतू पशु: पालतू पशुओं की समस्या पर आयुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने पशुओं को आवारा न छोड़ें। उन्होंने चेतावनी दी कि सड़कों पर पशु छोड़ने वालों के विरुद्ध चालानी और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

किसान मांगें: अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रतिनिधियों द्वारा सौंपे गए आठ सूत्रीय ज्ञापन के सभी बिंदुओं पर नियमानुसार कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया।

अंत में, आयुक्त दीपक रावत ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों की नियमित समीक्षा हो और लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को भरोसेमंद और त्वरित सेवा मिल सके।