Rishikesh Bajrang Setu: दिसंबर 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा भारत का पहला कांच का सस्पेंशन ब्रिज
Rishikesh Bajrang Setu: ऋषिकेश में बन रहा कांच का सस्पेंशन ब्रिज
उत्तराखंड का आध्यात्मिक शहर ऋषिकेश (Rishikesh) एक नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। गंगा नदी के ऊपर ‘बजरंग सेतु (Bajrang Setu)’ नामक एक शानदार कांच का सस्पेंशन ब्रिज (Glass Suspension Bridge) बनकर लगभग तैयार हो गया है। यह पुल पुराने लक्ष्मण झूला (Lakshman Jhula) की जगह बनाया जा रहा है, जो करीब 100 वर्ष पुराना था और अब असुरक्षित घोषित कर बंद किया जा चुका है।
लोक निर्माण विभाग के नरेंद्र नगर डिवीजन के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि “बजरंग सेतु का 90% कार्य पूरा हो चुका है, अब केवल ग्लास फ्लोरिंग का काम बाकी है।” यह पुल दिसंबर 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा और 2026 की शुरुआत में जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
यह पुल 132 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा होगा। इसकी डिज़ाइन केदारनाथ मंदिर से प्रेरित है, जो इसे धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टि से खास बनाती है। पुल के दोनों किनारों पर 1.5 मीटर चौड़ा और 66mm मोटा कांच का फर्श बनाया जा रहा है, जिस पर खड़े होकर पर्यटक गंगा नदी की तेज लहरों को अपने नीचे बहते देख सकेंगे।
बीच की लेन दोपहिया वाहनों के लिए होगी, जबकि दोनों ओर से पैदल यात्री गुजर सकेंगे।
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पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि Bajrang Setu बहुत जल्द ऋषिकेश का सबसे लोकप्रिय tourist attraction बन जाएगा। यहां से दिखने वाला गंगा का दृश्य न सिर्फ रोमांचक होगा, बल्कि यह जगह जल्द ही सोशल मीडिया पर #BajrangSetu और #RishikeshGlassBridge जैसे हैशटैग से ट्रेंड करेगी।
इस परियोजना की लागत करीब ₹60 करोड़ है और इसका निर्माण 2022 में शुरू हुआ था। यह आधुनिक तकनीक और मजबूत स्टील-कांच सामग्री से तैयार किया जा रहा है ताकि यह सुरक्षित और टिकाऊ हो।
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भक्ति और पर्यटन का संगम कहे जाने वाले ऋषिकेश में यह पुल एक नया अध्याय खोलेगा। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि यह न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि Uttarakhand Tourism Development को भी नई ऊंचाई देगा।

