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सुशीला तिवारी अस्पताल की चौंकाने वाली तस्वीरें वायरल: आईसीयू के बाहर बंदरों का पहरा, गंभीर मरीजों पर चिट्टियाँ—स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

हल्द्वानी से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति उजागर करने वाली एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में सुरक्षा व स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई दिखाई दे रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में अस्पताल के आईसीयू वार्ड के बाहर बंदरों का झुंड बैठा दिखाई दे रहा है। इससे मरीजों और तिमारदारों की आवाजाही बाधित हो रही है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि आईसीयू के भीतर भर्ती एक गंभीर मरीज के शरीर पर लगी पट्टियों और एप्रन पर चीटियाँ चलती दिख रही हैं। मरीज बेड पर असहाय स्थिति में पड़ा है, जबकि परिजन बंदरों के कारण मरीज के पास जाने से भी डर रहे हैं।

यह स्थिति अस्पताल की स्वच्छता, सुरक्षा और मरीज-सेवा से जुड़े सिस्टम पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है।

प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान माने जाने वाले सुशीला तिवारी अस्पताल में इस तरह की लापरवाही सामने आने से लोगों में आक्रोश है।
बंदरों की लगातार आवाजाही, आईसीयू में चीटियों का पहुंच जाना और सुरक्षा व सफाई व्यवस्था का अभाव—ये सभी मुद्दे अस्पताल में गंभीर कुप्रबंधन को दर्शाते हैं।

मामले के सामने आने के बाद जिलाधिकारी नैनीताल ने कहा—
“अस्पताल प्रबंधन को मानकों के अनुसार रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बंदरों को अस्पताल परिसर में प्रवेश से रोकने के उपाय किए जाएँ और मरीजों के उपचार में किसी भी तरह की बाधा न आए—यह प्राथमिकता है।”

जिलाधिकारी ने साफ कहा कि मरीजों की सुरक्षा, स्वच्छता और इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर कर दिया है।
जहाँ आईसीयू जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित नहीं की जा पा रही, वहाँ मरीजों की जान खतरे में पड़ना स्वाभाविक है।


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