पूर्व सीएम हरीश रावत
Spread the love

आधार सेवाओं में अव्यवस्था पर भड़के पूर्व सीएम हरीश रावत, कहा— “हजारों लोग परेशान, सरकार बताए जिम्मेदार कौन है?”

देहरादून। उत्तराखंड में पिछले कई महीनों से आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं में हो रही अव्यवस्था पर अब पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी करते हुए रावत ने कहा कि प्रदेशभर में लोग नया आधार कार्ड बनवाने और उसमें संशोधन कराने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।

रावत ने लिखा कि आज आधार कार्ड व्यक्ति की मूल आवश्यकता बन गया है। यूपीए सरकार के दौरान जिन लोगों ने आधार कार्ड का विरोध किया था, वही आज इसके “भक्त” बने हुए हैं। लेकिन इसके बावजूद उत्तराखंड में हालात बेहद खराब हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह महीनों से प्रदेश के लोग आधार कार्ड संबंधी कामों के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। कहीं पोर्टल काम नहीं कर रहा, तो कहीं स्टाफ की कमी है। कई जगह मशीनें खराब पड़ी हैं और नागरिक घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी निराश लौट रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि—
“यह सब जानबूझकर हो रहा है या लापरवाही है? हजारों लोग परेशान हैं, लेकिन चूंकि शिकायतें अलग-अलग जगह फैली हैं, इसलिए एक मजबूत आवाज नहीं बन पा रही है।”

रावत ने कहा कि उनके पास लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं और सरकार को इस स्थिति को तुरंत सुधारना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह उम्मीद जताई कि सरकार में कोई न कोई तो ऐसा जिम्मेदार अधिकारी अवश्य होगा, जो नए आधार कार्ड बनाने और सेवाओं को सुचारू करने के लिए उत्तरदायी हो।

देहरादून। उत्तराखंड में पिछले कई महीनों से आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं में हो रही अव्यवस्था पर अब पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी करते हुए रावत ने कहा कि प्रदेशभर में लोग नया आधार कार्ड बनवाने और उसमें संशोधन कराने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।

रावत ने लिखा कि आज आधार कार्ड व्यक्ति की मूल आवश्यकता बन गया है। यूपीए सरकार के दौरान जिन लोगों ने आधार कार्ड का विरोध किया था, वही आज इसके “भक्त” बने हुए हैं। लेकिन इसके बावजूद उत्तराखंड में हालात बेहद खराब हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह महीनों से प्रदेश के लोग आधार कार्ड संबंधी कामों के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। कहीं पोर्टल काम नहीं कर रहा, तो कहीं स्टाफ की कमी है। कई जगह मशीनें खराब पड़ी हैं और नागरिक घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी निराश लौट रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि—
“यह सब जानबूझकर हो रहा है या लापरवाही है? हजारों लोग परेशान हैं, लेकिन चूंकि शिकायतें अलग-अलग जगह फैली हैं, इसलिए एक मजबूत आवाज नहीं बन पा रही है।”

रावत ने कहा कि उनके पास लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं और सरकार को इस स्थिति को तुरंत सुधारना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह उम्मीद जताई कि सरकार में कोई न कोई तो ऐसा जिम्मेदार अधिकारी अवश्य होगा, जो नए आधार कार्ड बनाने और सेवाओं को सुचारू करने के लिए उत्तरदायी हो।


Spread the love