14 साल बाद बड़ी राहत: दुग्ध विकास मंत्री ने 43 कर्मचारियों की पदोन्नति को दी मंजूरी, नैनीताल दुग्ध संघ की बड़ी जीत
देहरादून। नैनीताल आँचल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि., लालकुआँ के कर्मचारियों को 14 वर्षों बाद बड़ी राहत मिलने जा रही है। दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने लंबे समय से लंबित 43 पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति को मंजूरी दे दी है। यह फैसला संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा की पहल और प्रतिनिधिमंडल की सफल बैठक के बाद आया है।
इस निर्णय को दुग्ध संघ कर्मचारियों और दुग्ध उत्पादकों के हित में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांगें पूरी होने की राह पर
संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से शिष्टाचार भेंट कर कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान कई लंबे समय से लंबित मुद्दे दोबारा मंत्री के समक्ष रखे गए।
सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि—
✔ 43 कर्मचारियों की पदोन्नति पर मंत्री ने तत्काल सहमति दी।
✔ पिछले 14 साल से अटके प्रस्ताव अब औपचारिक रूप से आगे बढ़ेंगे।
अन्य अहम मांगें भी रखीं गईं
बैठक के दौरान अध्यक्ष मुकेश बोरा ने निम्न प्रमुख मुद्दों को मंत्री के सामने रखा—
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पर्वतीय क्षेत्रों में महिला डेरी सचिवों के मानदेय को 50 पैसे से बढ़ाकर ₹1 करने का प्रस्ताव
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मैदानी क्षेत्र के सचिवों को भी पर्वतीय क्षेत्र के बराबर लाभ दिए जाएं
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महंगाई भत्ता (DA) की पिछली व्यवस्था बहाल की जाए
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2016–2019 के 7वें वेतनमान के एरियर को मंजूरी दी जाए
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1 लाख लीटर क्षमता के अनुरूप नया स्टाफिंग पैटर्न लागू किया जाए
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अत्याधुनिक NDDB प्लांट की विशेषज्ञ स्थापना जल्द पूरी की जाए
मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाते हुए कहा—
“दुग्ध संघ दो कदम चलेगा तो सरकार पाँच कदम साथ चलेगी। किसानों और दुग्ध उत्पादकों के हित में सरकार पूरी तरह समर्पित है। दुग्ध क्षेत्र में सुधार और कर्मचारियों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए बड़े निर्णय जल्द लिए जाएंगे।”अध्यक्ष मुकेश बोरा ने मंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा—
“यह सहमति दुग्ध उत्पादकों और कर्मचारियों को नई ऊर्जा देगी। सरकार और संघ के संयुक्त प्रयास से समस्याओं का व्यापक समाधान संभव होगा।”
उन्होंने कर्मचारी हितों से जुड़ी अन्य मांगों पर भी जल्द सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई।
बैठक में उमेश पठालनी, संजय सिंह भाकुनी, धर्मेन्द्र सिंह राणा, सुभाष बाबू, खलील अहमद, शांति कोरंगा, मुन्नी आर्या, मोहन जोशी, कमलेश कुमार, रमेश मेहता, रमेश आर्या, विपिन तिवारी, हेमन्त पाल, मीना रौतेला, राजू दुम्का समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।


