वन विभाग कार्यालय पर ग्रामीणों का प्रदर्शन
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तराई पश्चिमी वन विभाग कार्यालय पर ग्रामीणों का प्रदर्शन, डीएफओ पर कानून उल्लंघन का आरोप

पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले पूछड़ी सहित विभिन्न वन ग्रामों के ग्रामीणों ने तराई पश्चिमी वन विभाग कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने से कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, हालांकि इसके बावजूद ग्रामीण धरने पर डटे रहे।

ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) प्रकाश चंद्र आर्य कार्यालय से बाहर निकल रहे थे, तभी ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और वहीं धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के तीखे विरोध के चलते डीएफओ को अपनी गाड़ी वापस मोड़कर कार्यालय परिसर में लौटना पड़ा।

धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेशों और वन अधिकार अधिनियम, 2006 का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि 7 दिसंबर को ऐसे परिवारों पर भी बुलडोजर कार्रवाई की गई, जिन्हें माननीय हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त था।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा वन ग्राम पूछड़ी में ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति का गठन किया जा चुका है। वन अधिकार अधिनियम की धारा 4(5) में स्पष्ट प्रावधान है कि जब तक ग्रामीणों के दावों की जांच और निस्तारण की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद तराई पश्चिमी वन विभाग और नैनीताल पुलिस प्रशासन द्वारा कथित तौर पर 60 से अधिक परिवारों के घरों और खेती योग्य भूमि पर बुलडोजर चलाया गया।

संयुक्त संघर्ष समिति ने इस कार्रवाई को न्यायालय की अवमानना बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों, विशेषकर तराई पश्चिमी वन विभाग के डीएफओ और अन्य अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। साथ ही पूछड़ी में बेघर किए गए सभी ग्रामीणों के पुनर्वास, तथा सभी वन ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग भी रखी गई।

वक्ताओं ने आगे बताया कि भाजपा के कथित बुलडोजर राज के खिलाफ आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने के लिए 21 दिसंबर को वन ग्राम पूछड़ी में हनुमान मंदिर के पास दोपहर 12 बजे एक बृहद बैठक आयोजित की जाएगी।

सभा को रेनू सैनी, कमला देवी, सुनीता देवी, सीमा तिवारी, केसर राणा, प्रेम राम, जगमोहन सिंह रावत, उपपा नेता प्रभात ध्यानी, इंकलाबी मजदूर केंद्र के रोहित रुहेला, महिला एकता मंच की भगवती आर्य, सरस्वती जोशी, समाजवादी लोकमंच के संयोजक मुनीष कुमार और प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिंबाल सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने किया।


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