डोईवाला में बिना अनुमति संचालित धार्मिक निर्माण पर कार्रवाई, एमडीडीए ने जामा मस्जिद को किया सील
देहरादून। उत्तराखंड में अवैध अतिक्रमण और बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ राज्य सरकार के निर्देशों पर प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों पर कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में एमडीडीए ने देहरादून जनपद के डोईवाला क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कण्डोगल, कुड़ियाल गांव में स्थित एक पूर्व निर्मित आवासीय भवन के प्रथम एवं द्वितीय तल पर बिना नक्शा स्वीकृति और अनुमति के संचालित जामा मस्जिद को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सील कर दिया।
प्राधिकरण की जांच में सामने आया कि लगभग 20×40 फीट क्षेत्रफल में बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निर्माण कर धार्मिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इस संबंध में एमडीडीए द्वारा 21 नवंबर 2024 को उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, निर्धारित समयावधि में मस्जिद की इन्तजामिया कमेटी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब अथवा वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।
अवर अभियंता एवं सहायक अभियंता की आख्या में यह भी स्पष्ट किया गया कि उक्त निर्माण का न तो उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद और न ही उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अभिलेखों में कोई पंजीकरण अथवा मान्यता दर्ज है। साथ ही शमन मानचित्र भी प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे प्रकरण को जानबूझकर लंबित रखने की आशंका प्राधिकरण को प्रतीत हुई।
सभी उपलब्ध अभिलेखों, तकनीकी रिपोर्ट और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माण के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई के आदेश पारित किए गए, जिन्हें पुलिस प्रशासन के सहयोग से मौके पर लागू किया गया।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किसी भी प्रकार के निर्माण को अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर के सुनियोजित विकास, सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाई आवश्यक है।
वहीं एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के तहत की गई है और भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाते रहेंगे।
