कुख्यात विनय त्यागी को गोली मारने वाले दो हमलावर गिरफ्तार
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पुलिस वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग काण्ड, कुख्यात विनय त्यागी को गोली मारने वाले दो हमलावर गिरफ्तार

पुलिस वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग कुख्यात विनय त्यागी गोली मारने वाले दो हमलावर गिरफ्तार

उत्तराखंड में अपराधियों के हौसले उस वक्त साफ नजर आए जब पुलिस वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग कर कुख्यात बदमाश विनय त्यागी को निशाना बनाया गया। इस सनसनीखेज हमले के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए दोनों हमलावरों को खानपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी काशीपुर (उधमसिंह नगर) के ही निवासी बताए जा रहे हैं।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी सनी यादव उर्फ शेरा मेरठ में विनय त्यागी के साथ रंगदारी और वसूली के धंधे में शामिल रहा है। बताया जा रहा है कि इसी दौरान 20 लाख रुपये की मांग को लेकर विवाद हुआ और रकम न देने पर विनय त्यागी को जान से मारने की धमकी दी गई।

👉 इशारे पर हुई फायरिंग
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सनी यादव ने अपने साथी अजय के साथ मिलकर विनय त्यागी की हत्या के इरादे से फायरिंग करवाई। जब पुलिस टीम रुड़की से विनय त्यागी को पूछताछ के लिए पेशी पर लेकर जा रही थी, उसी दौरान मेरठ निवासी गैंगस्टर विनय त्यागी पर नकाबपोश हमलावरों ने गोलियां बरसा दीं।

हमले में विनय त्यागी को तीन गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। फिलहाल उसका एसटीएच रुड़की में इलाज चल रहा है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है।

📍 ऐसे दबोचे गए आरोपी

खानपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर के जंगल से बिजनौर हाईवे के पास पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों—

  • सनी यादव उर्फ शेरा (निवासी गुलजारपुर, काशीपुर)
  • अजय (निवासी खसमिया कॉलोनी, काशीपुर)

को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी काशीपुर में हुई डकैती के एक मामले में पहले ही जेल जा चुके हैं।

🚨 पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लेकिन लापरवाही पर गाज

इस पूरे मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। हमले के दौरान बदमाशों के भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी हाथों में अस्त्र होने के बावजूद पीछा करते नजर आए, लेकिन गोली चलाने या सख्त कार्रवाई से परहेज करते दिखे।

इसी लापरवाही को गंभीर मानते हुए तीन पुलिसकर्मियों पर गाज गिराई गई है।
एसएसपी प्रमोद डोबाल ने बताया कि—

“घटना में लापरवाही सामने आने पर उपनिरीक्षक नरेश कुमार, कांस्टेबल संजय और हिमांशु को एसपी देहात के नेतृत्व में जांच सौंपी गई है।”

⚠️ सवालों के घेरे में पुलिस कार्रवाई

इस घटना ने एक बार फिर पुलिस एस्कॉर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों पर कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े पुलिस वाहन पर फायरिंग और बदमाशों का फरार होना सिस्टम पर बड़ा सवाल है।

 


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