चमोली में टनल के भीतर भिड़ीं दो लोको ट्रेनें
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चमोली में टीएचडीसी साइट पर बड़ा हादसा: टनल के भीतर भिड़ीं दो लोको ट्रेनें, 88 मजदूर घायल

उत्तराखंड के चमोली जिले से बड़ी खबर सामने आई है। पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना में मंगलवार रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब टनल के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में जोरदार टक्कर हो गई। हादसा शिफ्ट चेंज के दौरान हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूर घायल हो गए।

🚨 टनल के भीतर टक्कर, मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक यह हादसा टीएचडीसी की टीबीएम (Tunnel Boring Machine) साइट के अंदर हुआ। उस समय टनल साइट पर कुल 109 मजदूर मौजूद थे। अचानक हुई इस टक्कर से टनल के अंदर चीख-पुकार मच गई और कई मजदूर जमीन पर गिर पड़े।

🏥 88 मजदूर घायल, 21 पूरी तरह सुरक्षित

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार करीब 88 मजदूर घायल हुए हैं।

  • 70 घायल मजदूरों को जिला अस्पताल गोपेश्वर लाया गया

  • इनमें से 66 मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई

  • 4 मजदूरों को फ्रैक्चर होने के कारण अस्पताल में भर्ती रखा गया है

  • 18 मजदूरों का इलाज विवेकानंद अस्पताल, पीपलकोटी में किया गया, जिन्हें बाद में डिस्चार्ज कर दिया गया

  • 21 मजदूर पूरी तरह सुरक्षित हैं

प्रशासन के अनुसार सभी घायलों की हालत अब स्थिर और खतरे से बाहर है।

👮‍♂️ डीएम-एसपी पहुंचे अस्पताल, दिए निर्देश

हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।

⚙️ ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा!

एसपी चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि हादसा शिफ्ट चेंज के दौरान हुआ।
उनके अनुसार,

टनल के अंदर से बाहर आ रही एक खाली लोको ट्रेन और बाहर से मजदूरों को लेकर अंदर जा रही दूसरी ट्रेन करीब ढाई किलोमीटर अंदर टकरा गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अंदर से आ रही ट्रेन के ब्रेक सिस्टम में तकनीकी खराबी थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

घायल मजदूरों में ज्यादातर बिहार, झारखंड और ओडिशा के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

🔍 जांच के आदेश, रिपोर्ट तलब

हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल को तुरंत मौके पर भेजा गया। टनल के अंदर मौजूद मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और टीएचडीसी प्रबंधन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।

⚡ 444 मेगावाट की परियोजना

बताया जा रहा है कि यह परियोजना अलकनंदा नदी पर बन रही 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना है। रोजाना की तरह मंगलवार रात भी टनल में बोरिंग का काम चल रहा था, तभी रात करीब 9 बजे शिफ्ट बदलते समय यह बड़ा हादसा हो गया।

👉 प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर बड़ी परियोजनाओं में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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