सुखवन्त सिंह आत्महत्या मामले में
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हल्द्वानी आत्महत्या कांड: IG STF की अगुवाई में हाई-लेवल SIT गठित ! सुखवन्त सिंह आत्महत्या मामले में 12 पुलिसकर्मी लाइन से बाहर

ल्द्वानी/ऊधमसिंहनगर। ऊधमसिंहनगर जनपद के ग्राम पैगा निवासी सुखवन्त सिंह द्वारा काठगोदाम, हल्द्वानी में की गई आत्महत्या ने पूरे उत्तराखंड में सनसनी फैला दी है। आत्महत्या से पहले जारी किए गए वीडियो और ई-मेल ने न केवल कई स्थानीय चेहरों बल्कि पुलिस तंत्र को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ श्री नीलेश आनन्द भरणे की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय हाई-लेवल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

SIT में पुलिस अधीक्षक चम्पावत अजय गणपति, क्षेत्राधिकारी टनकपुर वंदना वर्मा, निरीक्षक दिवान सिंह बिष्ट और उपनिरीक्षक मनीष खत्री को शामिल किया गया है। यह टीम आत्महत्या से जुड़े हर पहलू—वीडियो, ई-मेल, आरोपों और घटनाक्रम—की बारीकी से जांच करेगी।

जांच की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे, इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 12 पुलिस कर्मियों को गैरजनपद स्थानांतरित कर दिया है। इनमें 03 उपनिरीक्षक, 01 अपर उपनिरीक्षक, 01 मुख्य आरक्षी और 07 आरक्षी शामिल हैं, जिन्हें गढ़वाल रेंज के चमोली और रुद्रप्रयाग भेजा गया है।

मृतक द्वारा लगाए गए आरोपों को पुलिस ने हल्के में नहीं लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ई-मेल में जिन स्थानीय व्यक्तियों और ऊधमसिंहनगर पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों का नाम लिया गया है, उन सभी के खिलाफ तथ्यात्मक परीक्षण और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

पुलिस विभाग ने दो टूक कहा है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और जिस भी स्तर पर दोष साबित होगा, वहां कार्रवाई तय है। जांच पूरी तरह कानून के दायरे में, बिना दबाव और पूरी पारदर्शिता के की जाएगी।

अब सवाल सिर्फ जांच का नहीं, न्याय और सिस्टम की साख का है।


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