सुखवंत सिंह की आत्महत्या
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नैनीताल: 🔴 किसान आत्महत्या केस में बड़ा मोड़: हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पर लगाई रोक

जमीन घोटाले, 4 करोड़ की ठगी और पुलिस पर गंभीर आरोप, SIT जांच पर भी सवाल

उत्तराखंड हाईकोर्ट में काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या से जुड़े सनसनीखेज मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अवकाशकालीन न्यायाधीश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की पीठ ने नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी पर रोक और मुकदमा निरस्त करने की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।

अदालत ने आरोपितों को जांच में सहयोग करने के निर्देश भी दिए हैं। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि मामला जमीन विवाद और कथित करोड़ों की ठगी से जुड़ा है, जिसे गंभीरता से लिया जा रहा है और इसकी जांच एसआईटी को सौंप दी गई है, हालांकि अभी तक जांच औपचारिक रूप से शुरू नहीं हो सकी है। कोर्ट ने विपक्षी पक्ष को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 15 अप्रैल 2026 तय की है।

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब किसान सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी के काठगोदाम स्थित एक होटल में आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने फेसबुक पर लाइव/पोस्ट कर पुलिस और कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि जमीन के सौदे में उनके साथ लगभग चार करोड़ रुपये की ठगी की गई और शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उन्हें धमकाया गया।

इसके बाद किसान के बड़े भाई की तहरीर पर आईटीआई थाने में 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं याचिकाकर्ताओं का दावा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है, इसी आधार पर उन्होंने गिरफ्तारी पर रोक और मुकदमा निरस्त करने की मांग की है।


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