स्टोन क्रशरों पर जिला प्रशासन का बड़ा वार,खुले खनिज परिवहन पर सख़्ती
नियम तोड़े तो चालान, वाहन सीज और कड़ी कार्रवाई तय
हल्द्वानी। जनपद में चल रही स्टोन क्रशर इकाइयों और उनसे जुड़े खनिज परिवहन वाहनों पर जिला प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कस दिया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने साफ शब्दों में कहा है कि बिना ढके खनिज परिवहन और सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण जिले में धूल प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बढ़ रही है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने सख्त आदेश जारी किए हैं। अब खनिज सामग्री का परिवहन केवल मजबूत तिरपाल से पूरी तरह ढककर ही किया जाएगा। किसी भी वाहन द्वारा खुला खनिज परिवहन करते पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी स्टोन क्रशर संचालकों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने परिसरों में धूल नियंत्रण के लिए नियमित जल छिड़काव अनिवार्य रूप से किया जाए। आदेश की अवहेलना करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इसके साथ ही खनिज परिवहन में लगे सभी वाहनों में सुरक्षा उपकरणों का पूर्ण रूप से कार्यशील होना अनिवार्य किया गया है। इनमें फ्रंट और रियर रिफ्लेक्टर, टेल लाइट/पार्क लाइट, ब्रेक लाइट, इंडिकेटर और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव नंबर प्लेट शामिल हैं। किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर चालान, वाहन निरुद्धीकरण और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने जिला खान अधिकारी और संभागीय परिवहन अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
जिला प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद स्टोन क्रशर संचालकों और खनिज परिवहनकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। अब नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है।

