महिला एकता मंच ने 8 फरवरी की महापंचायत में शामिल होने का किया आह्वान
रामनगर। महिला एकता मंच ने अंकिता भंडारी हत्या मामले में शामिल वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जंगली जानवरों से आमजन, फसलों और मवेशियों की सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर 8 फरवरी को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाली महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है। यह महापंचायत अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले आयोजित की जा रही है।
महापंचायत को सफल बनाने के उद्देश्य से महिला एकता मंच द्वारा रामनगर क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान मंच की कार्यकर्ताओं ने आम जनता से महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के सवाल पर एकजुट होकर आगे आने की अपील की।
जनसंपर्क अभियान के दौरान सरस्वती जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हालात चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर समाज में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर जंगली जानवरों के हमलों से आम लोग, फसलें और मवेशी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनता को सुरक्षा देने में विफल साबित हो रही है।
वहीं कौशल्या ने कहा कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि देहरादून में गुंजन के परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने थाने तक गए, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा कि इसी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि दिनदहाड़े गुंजन की हत्या हो गई। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश का गंभीर मुद्दा बताया और इस पर सामूहिक संघर्ष की आवश्यकता पर जोर दिया।
जनसंपर्क कार्यक्रम में उषा पटवाल, धना तिवारी, दुर्गा देवी, कुसुम, ललित उप्रेती, किसन शर्मा, मुनीष कुमार, परवीन सैनी सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।

