हल्द्वानी स्टेडियम में बवाल: बाउंसरों का हंगामा, गेट बंद… खिलाड़ी बसों समेत फंसे!
हल्द्वानी। गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में चल रही लेजेंट्स लीग क्रिकेट उस वक्त विवादों में घिर गई, जब सुरक्षा में तैनात बाउंसरों ने वेतन न मिलने पर अचानक बगावत कर दी। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि बाउंसरों ने स्टेडियम के गेट ही बंद कर दिए।
हालात ऐसे बन गए कि खिलाड़ी, स्टाफ और टीम बसें तक स्टेडियम के अंदर फंस गईं, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर के लिए माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया और आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए।
बताया जा रहा है कि बाउंसरों को समय पर भुगतान नहीं मिला था, जिससे नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया। मौके पर पहुंचे आयोजकों ने आनन-फानन में बातचीत कर मामला संभाला और जल्द भुगतान का आश्वासन दिया, जिसके बाद बाउंसरों ने गेट खोल दिए और स्थिति सामान्य हो सकी।
इस बीच खेल विभाग ने खुद को इस विवाद से अलग करते हुए साफ किया कि उनकी भूमिका केवल स्टेडियम उपलब्ध कराने तक सीमित है। उपनिदेशक राशिका सिद्दीकी ने कहा कि आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे के मैचों के लिए 20 मार्च तक शुल्क जमा होना अनिवार्य है, अन्यथा अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने आयोजन एजेंसी पर लापरवाही के आरोप भी लगाए और कहा कि डीजी सेट में तेल तक न होना व्यवस्थाओं की गंभीर कमी को दर्शाता है।
वहीं, लीग के को-फाउंडर रमन रहेजा ने पूरे विवाद को “कम्युनिकेशन गैप” करार दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसी का प्रभारी दिल्ली में होने के कारण समय पर समन्वय नहीं हो सका, जिससे भुगतान को लेकर यह स्थिति बनी। हालांकि बातचीत के बाद मामला सुलझा लिया गया है और बाउंसर दोबारा ड्यूटी पर लौट आए हैं।
इसी बीच एक और झटका तब लगा जब बीती रात आए तेज तूफान ने स्टेडियम में लगे कैमरे और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचा दिया। इसके चलते अगले दिन का दोपहर का मैच रद्द करना पड़ा। फिलहाल उपकरणों की मरम्मत का काम जारी है।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद लेजेंट्स लीग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, हालांकि आयोजकों का दावा है कि जल्द ही सब कुछ सामान्य कर दिया जाएगा।
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