उत्तराखंड में स्कूल बस और वैन का किराया तय, दूरी के हिसाब से देना होगा मासिक शुल्क
देहरादून/नैनीताल: उत्तराखंड राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में स्कूली वाहनों के किराए को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। 25 मार्च 2026 को परिवहन आयुक्त/अध्यक्ष बृजेश कुमार संत की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूल बस, टैक्सी और मैक्सी वाहनों के लिए मासिक परिवहन शुल्क निर्धारित किया गया।
यह निर्णय उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश (जनहित याचिका संख्या 161/2024) के अनुपालन में लिया गया है। कोर्ट ने स्कूली वाहनों के किराए को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत एक समिति गठित कर विभिन्न खर्चों जैसे वाहन मूल्य, ईंधन, चालक-परिचालक वेतन, बीमा, टैक्स आदि का आकलन किया गया।

स्कूल बस के लिए मासिक शुल्क (प्रति छात्र)
- 1 से 10 किमी: ₹2200
- 10 से 20 किमी: ₹2700
- 20 से 30 किमी: ₹3200
- 30 किमी से अधिक: ₹3700
स्कूल वैन/टैक्सी के लिए मासिक शुल्क (प्रति छात्र)
- 1 से 5 किमी: ₹2100
- 5 से 10 किमी: ₹2500
- 10 से 20 किमी: ₹3000
- 20 किमी से अधिक: ₹3500
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह शुल्क दूरी के आधार पर निर्धारित किया गया है, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े और पारदर्शिता बनी रहे।
अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय से स्कूल परिवहन व्यवस्था में एकरूपता आएगी और मनमाने किराए पर रोक लगेगी। साथ ही, सभी स्कूलों और वाहन संचालकों को इन निर्धारित दरों का पालन करना अनिवार्य होगा।
👉 देवभूमि जन हुंकार व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सब्स्क्राइब करें
