भवाली-नैनीताल में कैंची धाम मेले की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करते जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन
Spread the love

 कैंची धाम मेला 2026: 15 जून को बाबा नीम करौरी महाराज के जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी! शटल बसों व टैक्सियों का किराया तय, रूट पर नहीं लगेंगे ठेले और भंडारे!

नैनीताल/श्री कैंची धाम: विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र श्री कैंची धाम में आगामी 15 जून को बाबा नीम करौरी महाराज के पावन स्थापना दिवस (जन्मोत्सव) मेले का भव्य आयोजन होने जा रहा है. इस राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक आयोजन को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.

मंगलवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में कैंची धाम मंदिर परिसर स्थित सभागार में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक संपन्न हुई. बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), मंदिर समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया और मेले से जुड़ी चाक-चौबंद व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया.

यातायात प्रबंधन और शटल सेवा का मास्टर प्लान: नहीं लगेंगे ठेले और भंडारे

लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सबसे बड़ी चुनौती माना गया है. संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO) गुरुदेव सिंह ने बैठक में बताया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हल्द्वानी-काठगोदाम, नैनीताल, भीमताल, भवाली और खैरना से विशेष शटल सेवा संचालित की जाएगी. इस सेवा के लिए कुल 254 बसें और 250 टैक्सी/मैक्सी गाड़ियां मैदान में उतारी गई हैं.

प्रशासन द्वारा निर्धारित एकतरफा किराया सूची:

रूट (कहाँ से कहाँ तक) निर्धारित किराया (प्रति व्यक्ति)
हल्द्वानी से कैंची धाम ₹150
नैनीताल से कैंची धाम ₹100
भीमताल से कैंची धाम ₹100
भवाली से कैंची धाम ₹50
खैरna से कैंची धाम ₹50

🚫 सख्त नियम: यातायात को सुदृढ़ रखने के लिए इस बार मेले के दौरान पूरे मार्ग पर एक भी ठेला या फूडवैन लगाने की अनुमति नहीं होगी. इसके साथ ही मार्ग में कहीं पर भी अनधिकृत रूप से भंडारा आयोजित नहीं किया जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही में कोई गतिरोध न आए.

शिप्रा नदी और पर्यावरण की सुरक्षा: जोन में बंटेगा क्षेत्र

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने पर्यावरण और आस्था की पवित्रता बनाए रखने के लिए विशेष कड़े निर्देश दिए हैं. उन्होंने वन विभाग को निर्देशित किया कि शिप्रा नदी में कहीं पर भी कचरा या गंदगी न गिरने पाए. इसके लिए पूरी नदी को अलग-अलग जोन में बांटकर पर्याप्त संख्या में वन कर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो लगातार निगरानी रखेंगे.

इसके साथ ही, संपूर्ण यात्रा मार्ग और परिक्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए नगर पालिका भीमताल, भवाली और जिला पंचायत द्वारा भारी संख्या में पर्यावरण मित्रों की तैनाती की जाएगी, जो लगातार कूड़ा उठाना सुनिश्चित करेंगे. जिलाधिकारी ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से भी देवभूमि के पर्यावरण को साफ रखने में सहयोग की मार्मिक अपील की है.

श्रद्धालुओं के लिए हाईटेक सुविधाएं और सुरक्षा इंतजाम

  • शटल पॉइंट्स पर सुविधाएं: जिन-जिन स्थानों से शटल सेवा शुरू हो रही है, वहां पानी, टेंट, पर्याप्त लाइटिंग, शौचालय और सूचना प्रसारण के लिए पीए (PA) सिस्टम लगाए जाएंगे. हर पॉइंट पर राजस्व, पुलिस और परिवहन विभाग का एक-एक प्रतिनिधि मुस्तैद रहेगा.

  • मोबाइल टॉयलेट्स: मेले के दौरान कुल 11 प्रमुख स्थानों पर मोबाइल टॉयलेट्स लगाए जा रहे हैं, जिनमें पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए पानी के टैंकर और सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है.

  • अतिक्रमण पर वार: एसएसपी और पुलिस क्षेत्राधिकारी रविकांत सेमवाल को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा मार्ग के किनारे से सभी प्रकार के स्थाई व अस्थाई अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए ताकि कहीं भी जाम की स्थिति न बने.

  • स्वास्थ्य सेवाएं: आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में डॉक्टरों की विशेष मेडिकल टीम के साथ 3 आधुनिक एम्बुलेंस २४ घंटे तैनात रहेंगी.

बैठक में यह वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण बैठक में ब्लॉक प्रमुख अंकित शाह, मंदिर समिति के ट्रस्टी मंजुल कुमार जोशी, प्रदीप शाह, आलोक चौपड़ा, शैलेंद्र शाह, पवन रघुवंशी सहित पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र, उप जिलाधिकारी (धारी) अनुराग आर्य, उप जिलाधिकारी (श्री कैंची धाम) दिव्यांशु, एसपी संचार रेवाधर मठपाल, परिवहन निगम की महाप्रबंधक पूजा जोशी और व्यापार मंडल के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे.


Spread the love

You missed