हल्द्वानी में विधिक शिविर: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मिले अधिकारों की जानकारी, मुफ्त सर्जरी और ₹5 लाख का बीमा
हल्द्वानी (नैनीताल)। माननीय उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला न्यायाधीश श्री प्रशांत जोशी के कुशल निर्देशन में आज एक विशेष पहल की गई। इसके तहत सिविल जज (सीनियर डिवीजन) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल श्रीमती पारुल थपलियाल के नेतृत्व में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बनभुलपुरा (हल्द्वानी) में “सम्मान से पहचान” अभियान के अंतर्गत एक दिवसीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का भव्य आयोजन किया गया। यह शिविर विशेष रूप से ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों, उनके हितों की रक्षा और सामाजिक संरक्षण के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
शिविर को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता व सचिव श्रीमती पारुल थपलियाल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत इस समाज को मजबूत कानूनी मान्यता और सुरक्षा प्रदान की गई है। यह कानून उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और सम्मान के साथ जीने का पूरा हक देता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक ट्रांसजेंडर व्यक्ति को ‘तीसरे लिंग’ (Third Gender) या ‘अन्य’ के रूप में अपनी कानूनी पहचान दर्ज कराने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है। इसके साथ ही किसी भी शैक्षणिक संस्थान, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक सुविधाओं के उपयोग में लिंग के आधार पर उनके साथ कोई भी भेदभाव नहीं किया जा सकता है।
कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव ने कहा कि किसी भी ट्रांसजेंडर व्यक्ति को उसके मूल परिवार या गांव से जबरन बाहर नहीं निकाला जा सकता है। उन्हें अपने परिवार के साथ रहने और पैतृक संपत्ति व घर का उपयोग करने का पूरा कानूनी अधिकार है।
इसके अलावा इस वर्ग को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा विशेष कौशल प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति और रहने के लिए आश्रय गृह (Shelter Homes) जैसी कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में सचेत किया कि यदि कोई व्यक्ति किसी ट्रांसजेंडर का शारीरिक, यौन, मौखिक, भावनात्मक या आर्थिक शोषण करता है, अथवा उन्हें भीख मांगने के लिए मजबूर करता है, तो कानूनन उसे कठोर दंड और जेल की सजा भुगतनी होगी।
स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में सरकार द्वारा दी जा रही बड़ी राहतों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए मुफ्त सेक्स रीअसाइनमेंट सर्जरी (SRS), मेडिकल काउंसिलिंग और व्यापक चिकित्सा बीमा की सुविधा दी जा रही है, जिसके तहत उन्हें ₹5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त होता है। विधिक जानकारी के साथ-साथ इस शिविर में समाज कल्याण विभाग से आए जिला समाज कल्याण अधिकारी राहुल आर्या ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ट्रांसजेंडर्स के उत्थान के लिए चलाई जा रही विभिन्न आर्थिक और सामाजिक पेंशन योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने उपस्थित लोगों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से समझाया। शिविर के अंत में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों की व्यक्तिगत समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया और उन्हें हर संभव कानूनी मदद का भरोसा दिया गया।





