नैनीताल में होम स्टे पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई: 238 इकाइयों का पंजीकरण निरस्त, 580 को नोटिस और भारी जुर्माना
नैनीताल: जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों पर नैनीताल जनपद में संचालित होम स्टे इकाइयों के खिलाफ एक बड़ा और व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। जिले की समस्त तहसीलों में उप जिलाधिकारियों (SDM) के नेतृत्व में गठित विशेष टीमों और पर्यटन विभाग ने संयुक्त रूप से विभिन्न होम स्टे का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई होम स्टे संचालकों द्वारा सरकारी नियमावली और नियमों के खुले उल्लंघन के मामले सामने आए, जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करने वाली कुल 580 होम स्टे इकाइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
इस औचक निरीक्षण अभियान के तहत नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने बड़ी आर्थिक कार्रवाई भी अमल में लाई है। नियमों के विरुद्ध संचालित पाए जाने पर पूर्व में 55 होम स्टे पर जुर्माना लगाया गया था, जबकि ताजा कार्रवाई में 10 जून 2026 तक 36 अन्य इकाइयों को शामिल करते हुए अब तक कुल 91 होम स्टे संचालकों पर 10-10 हजार रुपये प्रति इकाई की दर से भारी अर्थदंड (जुर्माना) अधिरोपित किया जा चुका है। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से नियम विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियों में लिप्त संचालकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
इसके अतिरिक्त, जिन होम स्टे संचालकों को नोटिस दिए गए थे, उनकी ओर से समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण या जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इस घोर लापरवाही पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व में 150 और 10 जून 2026 तक 88 अन्य होम स्टे को शामिल करते हुए कुल 238 होम स्टे इकाइयों का सरकारी पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। अब ये इकाइयां जिले में होम स्टे के रूप में अपनी सेवाएं नहीं दे सकेंगी।
जिला प्रशासन ने इन होम स्टे के पंजीकरण निरस्त किए जाने के प्रमुख कारणों का भी खुलासा किया है। जांच में पाया गया कि कई होम स्टे के मूल स्वामी स्वयं उस इकाई में निवास नहीं कर रहे थे, जबकि नियमों के अनुसार मालिक का वहां रहना अनिवार्य है। इसके अलावा कई जगह पार्किंग सुविधा का पूर्ण अभाव मिला, तो कई जगह होम स्टे की आड़ में अवैध रूप से होटल, कैफे अथवा रेस्तरां का धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा था।
कुछ स्वामियों ने नियमों को ताक पर रखकर पूरी इकाई को लीज (पट्टे) पर देकर उसका शुद्ध व्यावसायिक उपयोग शुरू कर दिया था। जिला प्रशासन ने साफ चेताया है कि उत्तराखंड होम स्टे योजना के मूल उद्देश्य और निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के लिए आने वाले दिनों में भी यह निरीक्षण और कानूनी प्रवर्तन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।





