
देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी (नैनीताल – 21 अगस्त 2026): कुमाऊं के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र हल्द्वानी अंतर्गत गोरापड़ाव क्षेत्र में 19 अगस्त की शाम घटित हुई दुस्साहसिक डकैती की वारदात का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज अनावरण कर दिया है। 10 हथियारबंद नकाबपोशों द्वारा हथियारों के बल पर अंजाम दी गई इस डकैती में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से असलहे, जिंदा कारतूस और लूटी गई नकदी बरामद की गई है।
किआ शोरूम के पीछे ऑफिस में 10 हथियारबंद नकाबपोशों ने डाला था डाका
आधिकारिक विवरण के अनुसार, दिनांक 19 अगस्त 2026 की सायं डायल-112 पर सूचना मिली कि कोतवाली हल्द्वानी क्षेत्र के गोरापड़ाव में 10-12 हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया है।
वादी मुकदमा नारायण दास पुत्र रोशन लाल (निवासी अम्बा विहार, तीनपानी, हल्द्वानी) ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि किआ (Kia) शोरूम के पीछे स्थित उनके ऑफिस/गैराज में 10 अज्ञात हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने हथियारों के दम पर बंधक बनाकर लगभग 08 लाख रुपये की नकदी, 12 मोबाइल फोन और 03 सोने की चेन व अंगूठियां लूट लीं। तहरीर के आधार पर कोतवाली हल्द्वानी में मु० एफआईआर नं० 284/26, धारा 310(2) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया और विवेचना प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता को सौंपी गई।
एसएसपी ने बनाई 50 सदस्यीय स्पेशल टीम, खुद किया ग्राउंड मुआयना
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी सिटी मनोज कत्याल, एएसपी/सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी, सीओ लालकुआं विमल प्रसाद, विभिन्न थाना प्रभारियों, एसओजी, साइबर सेल एवं फोरेंसिक विशेषज्ञों को मिलाकर लगभग 50 अधिकारियों व कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की।
बीडीएस डॉग स्क्वायड और फील्ड यूनिट ने साक्ष्य जुटाए। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्वयं घटनास्थल का गहनता से मुआयना किया और चश्मदीदों से पूछताछ कर टीमों को टारगेट दिए।
जुए में हारे लाखों रुपयों की भरपाई के लिए रची थी डकैती की साजिश
सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस डेटा के गहन विश्लेषण के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया:
“वे किच्छा निवासी यश सिडाना के संपर्क में थे। यश सिडाना जुए में लाखों रुपये हारने के कारण भारी आर्थिक तंगी में था और उसकी मां का स्वास्थ्य भी खराब था। यश ने उन्हें बताया कि गोरापड़ाव में बड़े पैमाने पर लाखों का जुआ खेला जाता है। इस पर उन्होंने मिलकर डकैती की योजना बनाई ताकि लूटी गई रकम से यश के जुए की भरपाई हो सके और बाकी रकम आपस में बांट ली जाए। इसके बाद उन्होंने अन्य साथियों को जोड़कर रैकी की और 19 अगस्त को नकाब पहनकर हथियारों के बल पर डकैती डाली। पुलिस से डिजिटल फुटप्रिंट छिपाने के लिए उन्होंने लूटे गए सभी 12 मोबाइल रास्ते में फेंक दिए थे।”
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
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वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू पुत्र सुखपाल सिंह, निवासी विथा अकबर, सितारगंज, जनपद ऊधमसिंह नगर (उम्र 25 वर्ष)।
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रखवीर सिंह पुत्र हरविन्दर सिंह, निवासी ईश्वरपुर, थाना शीषगढ़, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश (उम्र 28 वर्ष)।
बरामदगी
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अभियुक्त वंशप्रीत सिंह से ₹31,000/- नकद एवं 04 जिंदा कारतूस व असलहे।
अभियुक्त रखवीर सिंह का लंबा आपराधिक इतिहास
अभियुक्त रखवीर सिंह एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर है, जिसके खिलाफ पूर्व से कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं:
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FIR No. 80/23: धारा 120B, 147, 148, 149, 307, 323, 506 IPC (थाना केलाखेड़ा)
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FIR No. 169/23: धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट (थाना केलाखेड़ा)
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FIR No. 231/24: धारा 109, 115(2), 190, 191(2), 191(3), 351(2), 352 BNS व 25 आर्म्स एक्ट (थाना दिनेशपुर)
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FIR No. 478/25: धारा 109, 125, 190, 191(2), 191(3), 351(2), 352, 61 BNS व 25(1)(B) आर्म्स एक्ट (थाना रुद्रपुर)
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FIR No. 258/23: धारा 323, 427, 436, 504, 506 IPC (थाना नानकमत्ता)
BNS के तहत संगठित अपराध में आजीवन कारावास से मृत्युदंड का प्रावधान
बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2) व 317(3) बीएनएस (BNS) की बढ़ोतरी की गई है। अपराध को संगठित सिंडिकेट के रूप में अंजाम देने के कारण आरोपियों के खिलाफ नए कानूनी प्रावधानों के तहत कठोरतम कार्रवाई की जा रही है, जिसमें आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान है।
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