Uttarakhand Crime Concept Representing MBBS Admission Fraud In Dehradunदेहरादून में एमबीबीएस दाखिले में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद पुलिस कार्रवाई का दृश्य।
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देवभूमि जन हुंकार, देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से चिकित्सा शिक्षा और प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा देने वाला बड़ा मामला सामने आया है। देहरादून में एमबीबीएस की सरकारी सीटों पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे (Freedom Fighter Dependent Quota) का फर्जी तरीके से लाभ उठाकर दाखिला हासिल करने वाले चार छात्राओं समेत पांच लोगों के खिलाफ सोमवार को गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। यह कार्रवाई राजधानी के दो अलग-अलग थानों में की गई है।

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डीएम कार्यालय के आदेश पर खुली फर्जीवाड़े की पोल

प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, राजस्व विभाग से कोटे के प्रमाण पत्र जारी होने और मेडिकल कॉलेजों में सीट आवंटित होने के बाद इस पूरे फर्जीवाड़े का सनसनीखेज खुलासा हुआ था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी कार्यालय के आदेश पर एक उच्चस्तरीय जांच बैठाई गई थी। जब जांच अधिकारियों ने आरोपियों द्वारा प्रवेश के समय दिए गए आवेदन और दस्तावेजों की पड़ताल की, तो वे पूरी तरह फर्जी पाए गए। इस प्रथम दृष्टया खुलासे के बाद तुरंत उनके कोटे के प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए थे। इसके पश्चात, रायपुर थाने में कंडोली के पटवारी जगदीश कुमार की ओर से और क्लेमनटाउन थाने में पटवारी डिंपल की ओर से आधिकारिक रूप से मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।

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नीट सीट आवंटन के दौरान उछला मामला

जानकारी के मुताबिक, नीट (NEET) परीक्षा के परिणाम आने के बाद राज्य में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित आरक्षित कोटे की कुल नौ सीटें आवंटित की गई थीं, जिनमें से पांच अभ्यर्थियों ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लिया था।

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जब कॉलेजों और संबंधित विभागों द्वारा इन दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया गया, तो इस बड़े फर्जीवाड़े की कलई खुल गई। सत्यापन के दौरान दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर इनमें से चार छात्राओं के दाखिले तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। फर्जीवाड़े के जरिए कोटे का प्रमाण पत्र हासिल करने वाले इन्हीं आरोपियों के नाम अब पुलिस मुकदमों में शामिल किए गए हैं। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग और बिचौलिए शामिल हैं।


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