संवाददाता सीमा खेतवाल
देवभूमि जन हुंकार, उत्तराखंड: उत्तराखंड के वनों को वनाग्नि (जंगलों की आग) की विभीषिका से बचाने और स्थानीय समुदायों को आपदा प्रबंधन के लिए तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। बागेश्वर मे एक दिवसीय ‘वॉलिंटियर फायर फाइटर’ (Volunteer Fire Fighter) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों और स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) श्री प्रकाश चंद्र आर्या द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्य अतिथि और वक्ताओं ने ग्रामीणों के साथ वनाग्नि नियंत्रण (Forest Fire Control) तथा बहुमूल्य वन्यजीव संरक्षण जैसे अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जंगलों की आग बुझाने में स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता और त्वरित भागीदारी सबसे बड़ा रक्षा कवच साबित हो सकती है।
इसके उपरांत संस्था की ओर से जनहितकारी योजनाओं एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों की जानकारी साझा की गई।
प्रशिक्षण सत्र का सबसे मुख्य और आकर्षण का केंद्र SDRF, फायर ब्रिगेड तथा वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण रहा। संयुक्त टीमों के विशेषज्ञों ने ग्रामीणों और वॉलिंटियर्स को निम्नलिखित तकनीकी बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया:
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जंगलों में आग लगने की स्थिति में त्वरित बचाव (Rapid Rescue) के उपाय।
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आधुनिक आपदा प्रबंधन तकनीकों का उपयोग कर आग को फैलने से रोकना।
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विषम परिस्थितियों में सुरक्षा उपकरणों का सही ढंग से इस्तेमाल करना।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रभारी S.D.O. एम.एस. गुसाईं, वन क्षेत्राधिकारी श्याम सिंह, फाउंडेशन की ओर से प्रतिनिधिगण तथा SDRF व फायर ब्रिगेड का समस्त मैदानी स्टाफ मुख्य रूप से मौजूद रहा। इस प्रकार के जन-जागरूकता और प्रशिक्षण अभियानों से वनाग्नि सीजन के दौरान नुकसान को न्यूनतम करने में बड़ी मदद मिलेगी।



