Uttarakhand Anti Corruption Concept Representing Vigilance Trap In Nainital Dhari Tehsilनैनीताल व धारी तहसील का प्रतीकात्मक दृश्य
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देवभूमि जन हुंकार, नैनीताल / हल्द्वानी / धारी: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance Department) का हंटर लगातार चल रहा है। ताजा मामला नैनीताल जनपद से सामने आया है, जहाँ तहसील धारी क्षेत्र में भूमि नापने जैसे शासकीय कार्य के एवज में रिश्वत मांग रहे एक पटवारी को विजिलेंस की ट्रैप टीम ने 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया है। इस बड़ी कार्रवाई से भ्रष्ट कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

मौड़ा गांव के निवासी ने दर्ज कराई थी शिकायत

सतर्कता अधिष्ठान से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, नैनीताल जिले की तहसील धारी के अंतर्गत आने वाले गांव मौड़ा के एक निवासी (शिकायतकर्ता) को अपनी भूमि की नाप करानी थी। इसके लिए उसने क्षेत्र के पटवारी निर्मल बोरा से संपर्क साधा था।

आरोप है कि पटवारी निर्मल बोरा द्वारा भूमि की पैमाइश और नाप करने के एवज में शिकायतकर्ता से अवैध रूप से पैसों की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता बिल्कुल भी रिश्वत नहीं देना चाहता था, जिसके चलते उसने हिम्मत जुटाकर उत्तराखंड सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत सतर्कता अधिष्ठान की टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 पर अपनी शिकायत दर्ज करा दी।

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 विजिलेंस ने की प्राथमिक जांच और गठित की ट्रैप टीम

टोल फ्री नंबर पर प्राप्त शिकायत के आधार पर सतर्कता अधिष्ठान द्वारा मामले की गोपनीय और त्वरित जांच कराई गई। जांच के दौरान पटवारी के खिलाफ लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया पूरी तरह सही पाए गए।

इसके बाद थाना सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर नैनीताल-हल्द्वानी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत औपचारिक मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान के निर्देश पर एक निरीक्षक के नेतृत्व में विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।

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26 सितंबर को धारी तहसील में बिछाया गया जाल

पूर्व निर्धारित योजना के तहत दिनांक 26 सितंबर 2026 को सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की ट्रैप टीम ने तहसील धारी परिसर में पुख्ता जाल बिछाया। जैसे ही पटवारी निर्मल बोरा ने शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये की रिश्वत (नकद) अपने हाथों में ली, वैसे ही मुस्तैद विजिलेंस टीम ने उसे घेरकर रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

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निदेशक सतर्कता ने की पुरस्कार की घोषणा, जनता से की अपील

इस सफल और पारदर्शी कार्रवाई के बाद सतर्कता विभाग के निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने भ्रष्ट अधिकारी को दबोचने वाली पूरी ट्रैप टीम को नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।

उन्होंने प्रदेश की आम जनता से जोरदार अपील करते हुए कहा कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी भी कार्य के लिए रिश्वत मांगता है, तो नागरिक डरें नहीं बल्कि सतर्कता अधिष्ठान की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 तथा व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर तुरंत अपनी शिकायत दर्ज कराएं। सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।


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