बागेश्वर के जोशीपालड़ी क्षेत्र में शिक्षा के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों की पहल। विद्यालय उच्चीकरण और खेल मैदान हेतु ग्रामीणों ने दी निःशुल्क भूमि दान की सहमति।
संवाददाता सीमा खेतवाल


देवभूमि जन हुंकार, बागेश्वर / हल्द्वानी: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जनसहभागिता की एक सराहनीय पहल बागेश्वर जिले के जोशीपालड़ी क्षेत्र से सामने आई है। कराला पालड़ी, जनौती पालड़ी, पालड़ी बगड़, झरौली और करासमाफी सहित आसपास के गांवों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने क्षेत्र के विद्यालय को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने की मांग उठाई है। इसके लिए शासन-प्रशासन को ज्ञापन भेजा गया है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य सुबे. फते सिंह करायत के नेतृत्व में तैयार ज्ञापन में कहा गया है कि विद्यालय को इंटर स्तर तक उच्चीकृत किए जाने से क्षेत्र के बच्चों को कक्षा 12 तक की शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी। वर्तमान में उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने वाले अथवा अन्य विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले कई छात्र-छात्राओं के स्थानीय विद्यालय में प्रवेश लेने से छात्र संख्या भी निर्धारित मानकों के अनुरूप पहुंच सकती है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि विद्यालय में कक्षा 12 तक शिक्षण संचालित करने के लिए पर्याप्त कक्ष-कक्ष पहले से उपलब्ध हैं। ऐसे में केवल आवश्यक मरम्मत कराकर उनका उपयोग किया जा सकता है, जिससे नए भवन निर्माण पर होने वाले अतिरिक्त खर्च को कम किया जा सकेगा। वहीं, यदि खेल मैदान या विद्यालय के अन्य विकास कार्यों के लिए भूमि की आवश्यकता होती है तो क्षेत्र के ग्रामीण छात्र हित में आवश्यक भूमि निःशुल्क दान करने के लिए सहमत हैं।
यह ज्ञापन शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, विधायक बागेश्वर पार्वती दास, स्कूली शिक्षा विभाग के सचिव, जिलाधिकारी बागेश्वर और अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), कुमाऊं मंडल को भेजा गया है। ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि शासन इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर क्षेत्र के बच्चों को स्थानीय स्तर पर बेहतर शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराएगा।
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