देवभूमि जन हुंकार, नैनीताल / हल्द्वानी / देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड के जनपद नैनीताल से साइबर अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस महकमे की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई सामने आ रही है। साइबर ठगी के मामलों पर लगाम कसने और कार्रवाई की सुस्त रफ्तार को तेज करते हुए नैनीताल पुलिस ने एक ही झटके में रिकॉर्ड एक ही दिन के भीतर 43 नए मुकदमे दर्ज कर दिए हैं। इसके साथ ही जिले में साइबर अपराध से जुड़े चिह्नित हॉटस्पॉट के खिलाफ दर्ज मुकदमों की कुल संख्या अब बढ़कर 49 हो गई है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से साइबर ठगों और उनके मददगारों में हड़कंप मच गया है।
उच्च अधिकारियों की नाराजगी और सख्त निर्देशों के बाद तेज हुई कार्रवाई
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, यह पूरी बड़ी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कड़ी नाराजगी और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद अमल में लाई गई है। हाल ही में अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जनपदों में साइबर अपराध के चिह्नित हॉटस्पॉट के खिलाफ अपेक्षित और प्रभावी कार्रवाई न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल ठोस कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए थे।
इसके साथ ही, आईजी कुमाऊं रेंज निवेदिता कुकरेती ने भी तत्काल प्रभाव से एक्शन लेने के निर्देश दिए थे। उच्च स्तर से मिले इन सख्त संदेशों के बाद नैनीताल पुलिस ने बिना देर किए अपनी जाँच का दायरा और रफ्तार दोनों को कई गुना बढ़ा दिया, जिसके परिणामस्वरूप जिले के अलग-अलग थानों में ताबड़तोड़ एफआईआर दर्ज की गईं।
म्यूल बैंक खातों, एटीएम निकासी और पीओएस मशीनों पर पुलिस की पैनी नजर
नैनीताल पुलिस द्वारा दर्ज किए गए इन मुकदमों और जाँच के दायरे में कई तकनीकी पहलू शामिल हैं। पुलिस की कार्रवाई मुख्य रूप से म्यूल बैंक खातों (Mule Bank Accounts), एटीएम से अवैध रूप से रकम निकालने, चेक के माध्यम से बड़ी निकासी करने, तथा सिम कार्ड व पीओएस (POS) मशीनों के दुरुपयोग से जुड़े मामलों पर केंद्रित है। इन सभी मामलों में तकनीकी साक्ष्यों और तथ्यों की गहन पड़ताल करने के बाद ही औपचारिक रूप से मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
क्या होते हैं म्यूल अकाउंट (Mule Accounts)?
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल शातिर साइबर ठग भोले-भाले या प्रलोभन में आए लोगों के नाम पर खुलवाकर, ऑनलाइन ठगी से हासिल की गई अवैध रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर करने या नकद निकालने के लिए करते हैं। पुलिस अब ऐसे संदिग्ध खातों, उन्हें ऑपरेट करने वाले गिरोहों और उनसे जुड़े पूरे वित्तीय नेटवर्क की तह तक जाने के लिए वित्तीय जाँच (Financial Investigation) कर रही है।
सभी थाना प्रभारियों को दिए गए हॉटस्पॉट के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
नैनीताल पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के खिलाफ समय पर और बेहद प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी से अर्जित की गई अवैध रकम को बैंक खातों, एटीएम, चेक या अन्य माध्यमों से निकालने में मदद करने वाले तथा अपराधियों को शरण देने वाले किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे संलिप्त स्थानों, संदिग्ध गतिविधियों और मददगारों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करना नैनीताल पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
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