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उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी शिक्षकों और कर्मचारियों की सोशल मीडिया टिप्पणियों से संबंधित पत्र
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देहरादून। उत्तराखंड में सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर अनर्गल टिप्पणियां प्रसारित करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के मामलों को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सख्त रुख अपनाया है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद प्रसाद सिमल्टी ने इस संबंध में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अपर निदेशकों सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

24 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया तथा प्रिंट मीडिया पर अनर्गल टिप्पणियां प्रसारित किए जाने की जानकारी संज्ञान में आई है। पत्र के अनुसार, इस तरह का कृत्य विभाग और राज्य की छवि को प्रभावित करने के साथ-साथ शिक्षक-कर्मचारियों की गरिमा के भी अनुरूप नहीं है।

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आचरण नियमावली के तहत कार्रवाई के निर्देश

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने पत्र में उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली-2002 के नियम 3(1), 3(2) और 7 का उल्लेख किया है। निर्देशों के अनुसार, यदि किसी शिक्षक या कर्मचारी द्वारा सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से अनर्गल टिप्पणियां प्रसारित की जाती हैं या की जा रही हैं, तो संबंधित व्यक्ति को चिह्नित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाए।

पत्र में यह भी कहा गया है कि संबंधित शिक्षक या कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सुस्पष्ट प्रस्ताव और साक्ष्य सहित प्रकरण को नियुक्ति प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही निदेशालय को भी अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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मंडलीय अधिकारियों और मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश

पत्र की प्रतिलिपि महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखंड और समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भेजी गई है।

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निदेशालय के इस निर्देश के बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर टिप्पणी करने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों से जुड़े मामलों में संबंधित अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, पत्र में किसी विशिष्ट शिक्षक या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया है।

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By admin