देवभूमि जन हुंकार, देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ताबड़तोड़ अभियानों के बीच एक बार फिर पुलिस और बदमाशों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ का मामला सामने आया है। देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस भीषण गोलीबारी में दो शातिर अपराधी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गए। बदमाशों के पैर में गोली लगी है, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और शीर्ष अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
नयागांव के पास चेकिंग से भागे बदमाश, पुलिस टीम पर की ताबड़तोड़ फायरिंग
प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, पटेलनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नयागांव के पास पुलिस टीम सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक आते हुए दिखाई दिए, जिनकी बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। जब पुलिस ने उन्हें रोकने का इशारा किया, तो बाइक सवार चेकिंग पॉइंट पर रुकने के बजाय अपनी गति तेज करते हुए बुडपुर की ओर भागने लगे।
शक गहराने पर पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा किया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर शिकंजा कसने के बजाय सीधा जानलेवा हमला कर दिया और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में पुलिस का आधिकारिक वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल, दो पिस्टल और कारतूस बरामद
बदमाशों द्वारा लगातार गोलियां चलाए जाने के बाद पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ मोर्चा संभाला और बदमाशों का पीछा करते हुए जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की ओर से चलाई गई गोलियां दोनों बदमाशों के पैरों में जा लगीं, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे। घायल बदमाशों को तुरंत पुलिस सुरक्षा में उपचार के लिए प्रेमनगर चिकित्सालय भेजा गया, जबकि एफएसएल (FSL) टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर तमाम महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए।
पकड़े गए बदमाशों की पहचान समीम पुत्र इलियास और शहजाद पुत्र इखलाक (दोनों निवासी रुड़की, जनपद हरिद्वार) के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया है कि वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से ही देहरादून क्षेत्र में पहुँचे थे। उन्होंने पटेलनगर, विकासनगर और सहसपुर सहित अन्य कई थाना क्षेत्रों में नकबजनी की ताबड़तोड़ घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो पिस्टल, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद किए हैं।
लंबा आपराधिक इतिहास, कई थानों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि दोनों आरोपियों का हरिद्वार और देहरादून के विभिन्न थानों में बेहद शातिर और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों कई बार हरिद्वार जेल भी जा चुके हैं और उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी पूर्व में कार्रवाई हो चुकी है। मुख्य आरोपी समीम के खिलाफ अकेले एक दर्जन से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं, जबकि शहजाद के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और उनके द्वारा अंजाम दी गई अन्य वारदातों के संबंध में विस्तृत छानबीन कर रही है।
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