सरकारी विज्ञापन
Uttarakhand Political Concept Representing Kaladhungi Assembly Seat Ticket Aspirants and BJP Leaders
Spread the love

देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल: देवभूमि उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के साथ ही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर अंदरखाने टिकट को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कुमाऊं मंडल की बेहद महत्वपूर्ण मानी जाने वाली कालाढूंगी विधानसभा सीट पर पार्टी के भीतर से ही बगावती तेवर और महत्वाकांक्षाएं खुलकर सामने आने लगी हैं। वर्तमान में इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ नेता व विधायक बंशीधर भगत के सामने अब पार्टी के ही दो बड़े दिग्गजों—दर्जा प्राप्त मंत्री सुरेश भट्ट और प्रदेश प्रवक्ता सुरेश तिवारी—ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर चुनावी मुकाबले को बेहद रोचक और आक्रामक बना दिया है।

यह भी पढ़ें 👉हल्द्वानी में साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला: बैंक खाते से निकले 3.65 लाख रुपये, बिना ओटीपी साझा किए कैसे खाली हुआ खाता

सुरेश भट्ट ने मदन कौशिक के सामने रखी दावेदारी, कहा— “बदलाव प्रकृति का नियम है”

पूर्व में हरियाणा में भाजपा के संगठन महामंत्री के रूप में पार्टी को सत्ता तक पहुँचाने में अहम संगठनात्मक भूमिका निभा चुके वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखंड सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री सुरेश भट्ट ने कालाढूंगी सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। हाल ही में पार्टी संगठन की ओर से फीडबैक लेने पहुँचे प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के सामने उन्होंने अपनी विधिवत दावेदारी पेश की।

दावेदारी पेश करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुरेश भट्ट ने वर्तमान विधायक बंशीधर भगत को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “बदलाव प्रकृति का नियम है।” बंशीधर भगत पार्टी के बहुत वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन एक निश्चित समय के बाद बदलाव स्वाभाविक रूप से होता है। वहीं, बंशीधर भगत के अपने और बेटे के टिकट को लेकर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरेश भट्ट ने कहा कि कालाढूंगी से चुनाव कौन लड़ेगा, इसका अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।

यह भी पढ़ें 👉उत्तराखंड राजनीतिक अपडेट: भीमताल सीट पर एक दर्जन दावेदारों के सामने आने से रोचक हुआ राजनीतिक समीकरण

सुरेश तिवारी का तीखा प्रहार— बोले, “भाजपा में वंशवाद और परिवारवाद के लिए कोई जगह नहीं”

इस रेस में एक कदम आगे बढ़ते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश प्रवक्ता सुरेश तिवारी ने भी कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के सामने कालाढूंगी सीट से अपनी प्रबल दावेदारी प्रस्तुत की। बाल्यकाल से पार्टी से जुड़े होने और मंडल से लेकर प्रदेश स्तर तक विभिन्न पदों पर काम करने का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि यदि पार्टी उन्हें प्रत्याशी बनाती है, तो वह पूर्व में जीतने वाले विधायकों से भी अधिक मतों से जीत हासिल कर दिखाएंगे।

यह भी पढ़ें 👉लालकुआं में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार युवक को रौंदा, रुद्रप्रयाग के ट्रांसपोर्ट सुपरवाइजर गंभीर रूप से घायल

इसके साथ ही, बंशीधर भगत पर निशाना साधते हुए सुरेश तिवारी ने कड़ी नसीहत दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक कार्यकर्ता आधारित पार्टी है, जहाँ वंशवाद और परिवारवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ‘यह मेरे और मेरे परिवार की सीट है’ जैसी बातें पार्टी की मूल विचारधारा के विपरीत हैं और इस तरह का कोई भी बयान पार्टी के अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। इन तीखे बयानों के बाद कालाढूंगी सीट पर भाजपा के भीतर सियासी तापमान काफी बढ़ गया है और अब देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस घमासान के बीच क्या निर्णय लेता है।

👉 देवभूमि जन हुंकार व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सब्स्क्राइब करें


Spread the love

By admin