देवभूमि जन हुंकार, देहरादून / उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड में भोले-भाले नागरिकों को रातों-रात अमीर बनाने, अधिक मुनाफे और विदेश यात्राओं का सब्जबाग दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े और संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ विशेष कार्य टास्क फोर्स (STF) ने बहुत बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड के निर्देशों के क्रम में गठित विशेष अन्वेषण दल (SIT) और एसटीएफ ने BotBro, BotAlpha, Cross Market, Mine Crypto, Meta Trade 5, Financial Freedom एवं TLC Coin जैसी दर्जनों फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनियों के जरिए ठगी का साम्राज्य चलाने वाले गिरोह के दो प्रमुख गुर्गों को दबोच लिया है।
विदेश में बैठा मास्टरमाइंड लविश चौधरी चला रहा था नेटवर्क, एसआईटी कर रही है हर केस की मॉनिटरिंग
प्रशासनिक रूप से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी कानून-व्यवस्था एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखंड द्वारा राज्य के विभिन्न जनपदों में पंजीकृत अभियोगों की एकीकृत विवेचना के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जिसकी व्यक्तिगत मॉनिटरिंग उच्चाधिकारियों द्वारा की जा रही है।
जाँच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस पूरे महाठगी नेटवर्क का मुख्य मास्टरमाइंड लविश चौधरी है, जो विदेश में बैठकर इन फर्जी ऑनलाइन कंपनियों के जरिए ठगी का जाल फैला रहा था। एसटीएफ ने ताबड़तोड़ दबिश देते हुए दो शातिर अभियुक्तों—नवीन सिंह नेगी (पुत्र हर्षवर्धन सिंह नेगी, निवासी रुद्रप्रयाग, हाल निवासी रायपुर, देहरादून) और श्रीमती कविता परमार (पत्नी अरुण परमार, निवासी बालावला, देहरादून) को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से विवो और ओप्पो के दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें क्रिप्टोकरेंसी, व्हाट्सएप चैट और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के महत्वपूर्ण साक्ष्य होने की संभावना है।
‘सीनियर ईगल एग्जीक्यूटिव’ कविता परमार ने ठगी के पैसों से की 12-13 विदेश यात्राएं
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। दूसरी गिरफ्तार अभियुक्ता कविता परमार वर्ष 2022 से QFX कंपनी से जुड़ी हुई थी। उसने खुद और अपने परिजनों की आईडी से निवेश करने के अलावा अपनी रेफरल आईडी के जरिए एक विशाल नेटवर्क तैयार किया था, जिसकी रोबो आईडी में लगभग 10 से 15 हजार लोग जुड़े हुए थे। वह कंपनी में ‘सीनियर ईगल एग्जीक्यूटिव’ के पद पर कार्यरत थी और उसे प्रतिमाह लगभग 1,000 डॉलर का लाभ मिलता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि अभियुक्ता वर्ष 2023 से 2026 के बीच कंपनी के सेमिनार में शामिल होने के लिए मलेशिया, थाईलैंड, दुबई और वियतनाम की लगभग 12-13 विदेश यात्राएं कर चुकी है, जिनका आने-जाने, रहने और खाने का पूरा खर्च कंपनी द्वारा उठाया जाता था। वह ज़ूम मीटिंग और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक समय में लगभग 1,000 लोगों को जोड़कर प्रचार करती थी। निवेशकों द्वारा जमा की गई असली धनराशि के बदले उनके ऑनलाइन खातों में केवल डॉलर के रूप में फर्जी संख्याएं प्रदर्शित की जाती थीं।
कंपनी बंद होने के बावजूद ‘Risenways’ नाम से चला रहा था नया फ्रॉड— नवीन सिंह नेगी गिरफ्तार
वहीं, पहले गिरफ्तार अभियुक्त नवीन सिंह नेगी वर्ष 2022 से QFX कंपनी से जुड़कर लाभ ले रहा था और लविश चौधरी की BotBro व BotAlpha कंपनियों के जरिए लोगों को प्रेरित कर रहा था। सबसे दिलचस्प और गंभीर बात यह है कि BotBro कंपनी बंद होने और उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज होने के बावजूद, नवीन सिंह नेगी ‘Risenways’ नाम से एक नई ऑनलाइन कंपनी बनाकर ज़ूम मीटिंग के माध्यम से लोगों को दोबारा ठगने का प्रयास कर रहा था। जनता के साथ दोबारा धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में नया मुकदमा (मु0अ0सं0 053/2026) दर्ज कर उसे दबोचा गया।
जाँच में यह भी पाया गया कि ये सभी कंपनियां RBI एवं SEBI में बिल्कुल भी पंजीकृत नहीं थीं। एसटीएफ उत्तराखंड ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर अत्यधिक मुनाफे या विदेश यात्रा का प्रलोभन देने वाली अनधिकृत कंपनियों के झाંसे में बिल्कुल न आएं, और निवेश से पहले उसकी वैधानिकता की जाँच जरूर करें।
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