दिल्ली में बागेश्वर की बेटी की निर्मम हत्या: पति ने ही रची साजिश
🔸 गला दबाकर हत्या, शव को साहिबी नदी में फेंका; सोने की नथ से खुला राज
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें प्रेम विवाह के दो दशक बाद एक बिल्डर ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को साहिबी नदी में फेंक दिया। छावला थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका के पति अनिल सिंह और उसके नौकर शिवशंकर पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है।
मार्च 2025 में साहिबी नदी के पास से एक अज्ञात महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था, जिसकी पहचान करना बेहद मुश्किल था। हालांकि, मृतका के गले में मौजूद सोने की चेन और नाक की नथ पर बने हॉलमार्क ने जांच की दिशा बदल दी।
जांच में सामने आया कि चेन का हॉलमार्क नकली था, जबकि नथ का हॉलमार्क असली था और वह तमिलनाडु के होसूर स्थित एक प्रतिष्ठित ज्वैलरी कंपनी से जुड़ा था। पुलिस ने जब कंपनी से संपर्क कर जानकारी जुटाई, तो पता चला कि यह नथ 26 जनवरी 2024 को द्वारका के एक शोरूम से “सीमा सिंह” नामक महिला ने 71 हजार रुपये में खरीदी थी। उसके पते के आधार पर पुलिस जब द्वारका सेक्टर-10 पहुंची तो मालूम हुआ कि सीमा 11 मार्च से लापता थी।
पुलिस जांच में पता चला कि सीमा और अनिल का विवाह 2005 में प्रेम संबंध के बाद हुआ था। सीमा उत्तराखंड के बागेश्वर की रहने वाली थीं और नैनीताल विश्वविद्यालय से एमएससी (गणित) करने के बाद नोएडा में नौकरी करने लगी थीं। वहीं मोबाइल की दुकान चलाने वाले अनिल से उनकी मुलाकात हुई और दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद उनके दो बेटे हुए — एक 16 वर्ष का और दूसरा आठ साल का।
कुछ वर्षों तक सब ठीक रहा, लेकिन पिछले कुछ समय से उनके रिश्तों में खटास आ गई थी। सीमा को संदेह था कि अनिल का किसी अन्य महिला से संबंध है। बीते करवा चौथ पर अनिल ने कथित रूप से किसी अन्य महिला को नौ लाख रुपये का हार गिफ्ट किया था, जिसके बाद दंपती के बीच विवाद बढ़ गया। अनिल ने सीमा के मोबाइल फोन जब्त कर उसे नया सिम और हैंडसेट दे दिया, ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके।
15 मार्च को अनिल ने अपने नौकर शिवशंकर की मदद से सुनियोजित तरीके से सीमा की हत्या की। उसने पहले बच्चे को मोबाइल फोन में गेम खेलने में उलझाया, फिर शिवशंकर को ऊपर बुलाकर सीमा को जहरीला पदार्थ पिलाया। जब सीमा बेहोश हो गई, तो दोनों ने मिलकर उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बेडशीट में लपेटकर एसयूवी कार की डिग्गी में रखा और साहिबी नदी के पास फेंक दिया।
जब पोस्टमार्टम के बाद शव की तस्वीरें सार्वजनिक की गईं, तब मृतका की बहनों बबिता और नीमा ने सीमा के रूप में उसकी पुष्टि की। इसके बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर अनिल से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
छावला थाना पुलिस ने आरोपी पति अनिल सिंह और उसके घरेलू नौकर शिवशंकर पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ हत्या और साजिश की धाराओं में मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया है।
