उत्तराखंड में बड़ा वित्तीय घोटाला उजागर: लोनी अर्बन मल्टी क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी ने गरीबों से ठगे 100 करोड़, अब जांच करेगी CBI
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस ने लोनी अर्बन मल्टी क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी (LUCCT) द्वारा किए गए करोड़ों के घोटाले का बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि सोसायटी ने प्रदेशभर के गरीब, दिहाड़ी मजदूरों, फेरी करने वाली महिलाओं और गृहिणियों को लालच देकर अवैध जमा योजनाओं में निवेश कराने के नाम पर करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी की।
🔸 कई राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क
एलयूसीसी केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में सक्रिय थी। जहां-जहां कंपनी ने शाखाएँ खोलीं, वहां आम लोगों से मनमाने तरीके से जमा योजनाओं के नाम पर पैसा एकत्र किया गया। उत्तराखंड में विभिन्न थानों में बेनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम (BUDS Act) और धोखाधड़ी की धाराओं में कई मामले दर्ज किए गए, जो फिलहाल स्पेशल बड्स एक्ट कोर्ट में लंबित हैं।
🔸 मुख्यालय की विशेष निगरानी में था मामला
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय शुरुआती चरण से ही जांच की निगरानी कर रहा था। मार्च 2025 में ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति ने घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। इसके बाद दूसरी याचिका भी दाखिल हुई। दोनों याचिकाओं पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को सीबीआई जांच के आदेश जारी कर दिए।
🔸 महिलाओं का आंदोलन बना बड़ी वजह
इस ठगी का सबसे ज्यादा असर गरीब महिलाओं पर पड़ा, जो मार्च 2025 से लगातार आंदोलनरत थीं। कभी कोर्ट परिसर में धरना, तो कभी राजभवन कूच—हर स्तर पर उन्होंने आवाज उठाई। सितंबर 2025 में आंदोलन ने बड़ा रूप ले लिया।
🔸 2024–25 में दर्ज हुईं 10 FIR, चार्जशीट दाखिल
देवप्रयाग, घनसाली, कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर, ऋषिकेश, देहरादून (पटेलनगर), उत्तरकाशी, चंबा और नई टिहरी थानों में दो वर्षों के भीतर कुल 10 एफआईआर दर्ज हुईं। पुलिस इन सभी मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और अब फाइलें सीबीआई को सौंपी जाएंगी।
कौन-कौन हैं आरोपी? 46 लोगों और संस्थाओं की सूची
मुख्य आरोपी एवं संचालक
- समीर अग्रवाल – मालिक, घनसोली (नवी मुंबई)
- दिनेश सिंह – चेयरमैन, लोनी (गाजियाबाद)
- आर. के. शेट्टी – मुंबई
- संजय मुद्रिल – ऊना, हिमाचल
- श्रेयस तलपड़े – ब्रांड एंबेसडर
- आलोक नाथ – ब्रांड एंबेसडर
अन्य प्रमुख आरोपी (7–46)
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उत्तम कुमार सिंह राजपूत, बाराबंकी
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माया राजपूत, बाराबंकी
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शबाब हुसैन रिज़वी, जालौन
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अरविंद कुशवाहा, जालौन
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अजय कुमार श्रवणकर, कोंच
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साबिर अली, लखीमपुर खीरी
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राकेश कुमार वर्मा, बलरामपुर
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रघुवेंद्र सिंह, जालौन
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संजीव कुमार खरे, जालौन
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संतोष कुमार मिश्रा, बाराबंकी
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शशिभानु सिंह, जालौन
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मंजर हुसैन, बाराबंकी
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द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट सोसाइटी, गाजियाबाद
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गिरीश चंद सिंह बिष्ट, ऋषिकेश
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उर्मिला बिष्ट, ऋषिकेश
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जगमोहन बिष्ट, ऋषिकेश
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शिवानी, ऋषिकेश
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अनिता नेगी, ऋषिकेश
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विनीता भट्ट, ऋषिकेश
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तरुण मौर्य, ऋषिकेश
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बिमला सक्सेना, पौड़ी
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शैलेन्द्र, ब्रांच मैनेजर, चमोली
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ममता भंडारी, ब्रांच मैनेजर, श्रीनगर
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परितोष पंत, देहरादून
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विनीत सिंह, अज्ञात
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प्रज्ञा रावत, कोटद्वार
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सरोजनी बिष्ट, कोटद्वार
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सोनिया रावत, कोटद्वार
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हरेंद्र सिंह, श्रीनगर
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प्रकाश सिंह भंडारी, ऋषिकेश
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प्रकाश भंडारी, ऋषिकेश
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नेहा भंडारी, ऋषिकेश
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संगीता राणा, रानीपोखरी
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विजेंद्र पुष्पवान, ऊखीमठ
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इंदु उपाध्याय, ब्रांच मैनेजर, ऋषिकेश
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महेंद्र, डाकपत्थर
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शम्मी, डाकपत्थर
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गोविंद वर्मा, डाकपत्थर
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शुभम ममगाईं, रानीपोखरी
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हिमांशु शर्मा, रानीपोखरी
🔸 अब CBI करेगी पूरे घोटाले की परतें उजागर
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद अब मामला केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के पास है। एजेंसी जल्द ही सभी केस फाइलें अपने कब्जे में लेकर लेनदेन, बैंकिंग रूट, निवेश चेन और संदिग्ध खातों की गहन जांच करेगी।
पीड़ितों को उम्मीद है कि केंद्रीय जांच एजेंसी के हस्तक्षेप से न केवल घोटाले के मास्टरमाइंड का पूर्ण नेटवर्क सामने आएगा, बल्कि उनकी मेहनत की कमाई भी वापस मिलने की संभावना बनेगी।
