हल्द्वानी में संपत्ति खरीद के नाम पर धोखाधड़ी का मामला, प्रार्थी ने बैंक व विक्रेता पर लगाए गंभीर आरोप
हल्द्वानी, 6 नवम्बर 2025। हल्द्वानी निवासी लखवीर सिंह चण्डोक पुत्र हरवंश सिंह चण्डोक ने उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक शाखा मुखानी और एक निजी व्यक्ति धनन्जय गिरी पर गंभीर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। मामला एक निर्माणाधीन बहुमंजिला व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स की दो दुकानों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है, जिसकी कुल कीमत ₹47.50 लाख बताई गई है।
संपत्ति बंधक होने की जानकारी छिपाई गई
प्रार्थी के अनुसार उन्होंने वर्ष 2019 में हल्द्वानी खास स्थित खसरा नंबर 403 की भूमि पर निर्मित दो दुकानों को धनन्जय गिरी से पंजीकृत बैनामा के माध्यम से खरीदा था। बाद में पता चला कि उक्त कॉम्प्लेक्स उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक में बंधक था, जिसकी जानकारी न तो रजिस्ट्रार कार्यालय में दर्ज थी और न ही बैंक रिकॉर्ड में दी गई थी।
लखवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने खरीदारी से पूर्व सभी संबंधित बैंकों से जांच की थी, लेकिन किसी ने यह जानकारी नहीं दी कि संपत्ति पर लोन या बंधक है। उनका आरोप है कि धनन्जय गिरी ने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से बंधक संपत्ति को “पाक-साफ” बताकर उन्हें बेच दिया।
एक करोड़ 65 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान
प्रार्थी के मुताबिक, इस धोखाधड़ी के कारण उन्हें लगभग ₹1.65 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि बैंक ने वर्ष 2023 में उक्त कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया, जिसके बाद से वह अपनी खरीदी गई संपत्ति का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
बैंक और विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग
लखवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने 6 मई 2025 को थाना हल्द्वानी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को डाक के माध्यम से शिकायत भेजी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में धारा 175(3) बीएनएस के अंतर्गत प्रार्थना पत्र दायर किया है।
उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया है कि पुलिस को रिपोर्ट तलब कर धनन्जय गिरी, तत्कालीन बैंक प्रबंधक और शाखा प्रबंधक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के आदेश पारित किए जाएं।
