प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की सब्सिडी के बदले मांगी थी रिश्वत
पिथौरागढ़। नाचनी डाकघर में तैनात डाक निरीक्षक शशांक सिंह राठौर को सीबीआई ने बुधवार को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी राठौर ने यह रिश्वत बागेश्वर जिले के खेती गांव निवासी एक दुकानदार से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के अंतर्गत लोन सब्सिडी की रिपोर्ट लगाने के एवज में मांगी थी।
सीबीआई के मुताबिक, पीड़ित दुकानदार सुरेश चंद की नाचनी में ‘गगता म्युजिक एंड इलेक्ट्रॉनिक्स’ नाम से दुकान है। उन्होंने वर्ष 2020 में जिला उद्योग केंद्र, पिथौरागढ़ से छह लाख रुपये का लोन लिया था, जो तीन जनवरी 2020 को स्वीकृत हुआ। योजना के तहत उन्हें कुल ऋण का 35 प्रतिशत यानी करीब 2.10 लाख रुपये सब्सिडी के रूप में मिलने थे, जिसके लिए डाक विभाग द्वारा सत्यापन रिपोर्ट भेजी जानी थी।
सुरेश चंद जब इस संबंध में डाक निरीक्षक शशांक सिंह राठौर से संपर्क में आए तो राठौर ने फाइल में कमियां बताकर टालमटोल शुरू कर दी। बाद में, 20 जून को जब सुरेश ने दोबारा संपर्क किया, तो राठौर ने पोस्ट मास्टर नंदन गिरी और डाकिया खुशाल सिंह के माध्यम से 21 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
इसकी शिकायत सुरेश चंद ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से की। सीबीआई ने शिकायत की जांच के बाद मामला सही पाया और वार्ता की रिकॉर्डिंग के आधार पर ट्रैप योजना बनाई। बातचीत में राठौर रिश्वत की राशि 15 हजार रुपये करने पर सहमत हो गया।
बुधवार को सीबीआई की ट्रैप टीम ने नाचनी डाकघर में दबिश दी और शशांक सिंह राठौर को सुरेश चंद से 15 हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
सीबीआई की प्रारंभिक जांच में डाकघर के पोस्ट मास्टर नंदन गिरी और डाकिया खुशाल सिंह की इस मामले में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है।
आरोपी शशांक सिंह राठौर को गुरुवार को स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।
