हल्द्वानी ! **मकान के नाम पर 35 लाख की ठगी, धमकी और अश्लील बदनामी की साजिश का पर्दाफाश
नैनीताल कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, 6 दोषियों को सख्त सजा**
नैनीताल। मकान दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी, जान से मारने की धमकी और सोशल मीडिया के जरिए बदनाम करने की साजिश से जुड़े बहुचर्चित मामले में नैनीताल की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश की अदालत ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने इस सनसनीखेज प्रकरण में छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई।
अदालत ने मुख्य आरोपी गौरव गुप्ता और उसके भाई सौरभ गुप्ता को भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं में दोषी पाते हुए 7-7 वर्ष का सश्रम कारावास और 85-85 हजार रुपये जुर्माना लगाया। दोनों आरोपी पहले से ही हत्या के एक अन्य मामले में जेल की सजा काट रहे हैं।
40 लाख में मकान का सौदा, 35 लाख लेकर पलटे आरोपी
अदालती अभिलेखों के अनुसार, हल्द्वानी निवासी कवयित्री गौरी मिश्रा से आरोपियों ने 40 लाख रुपये में मकान बेचने का सौदा किया। सौदे के तहत पीड़िता ने 35 लाख रुपये नकद और चेक के माध्यम से आरोपियों को सौंप दिए, लेकिन न तो मकान की रजिस्ट्री कराई गई और न ही रकम लौटाई गई।
जब पीड़िता ने अपनी मेहनत की कमाई वापस मांगी तो आरोपियों ने धमकी देना शुरू कर दिया और उसे सोशल मीडिया के माध्यम से बदनाम करने की साजिश रच डाली।
30 लाख के चेक दिए, बैंक में सब निकले बाउंस
पीड़िता को गुमराह करने के लिए मुख्य आरोपी गौरव गुप्ता ने 30 लाख रुपये के छह चेक दिए, लेकिन जब ये चेक बैंक में लगाए गए तो एक भी चेक पास नहीं हुआ। इसके बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर न्यायालय की शरण ली।
साइबर अपराध का भी खुलासा, आईटी एक्ट जोड़ा गया
मामले की जांच के दौरान साइबर अपराध से जुड़े कई गंभीर तथ्य सामने आए। पुलिस ने पूरक आरोपपत्र दाखिल कर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं भी जोड़ीं। दोनों मामलों की संयुक्त सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराया।
किसे कितनी सजा?
- गौरव गुप्ता व सौरभ गुप्ता
- धारा 420 – 7 वर्ष
- धारा 506 – 5 वर्ष
- धारा 509 – 3 वर्ष
(सभी सजाएं सश्रम कारावास)
- शत्रुघ्न पांडे उर्फ डिंपल पांडे
- आईटी एक्ट व आईपीसी धाराओं में कुल 9 वर्ष का सश्रम कारावास
- 60 लाख रुपये जुर्माना
- ललित मोहन पांडे, लीलाधर उर्फ लीला कांडपाल और मुकेश चंद्र भट्ट
- 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास
- अर्थदंड भी लगाया गया
अदालत ने सभी दोषियों के खिलाफ सजायावी वारंट जारी करते हुए उन्हें जिला उपकारागार हल्द्वानी भेजने के निर्देश दिए।
पीड़िता बोलीं – सच की जीत हुई
फैसले के बाद कवयित्री गौरी मिश्रा भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा—
“आठ साल पहले मुझसे मकान दिलाने के नाम पर 35 लाख रुपये ठग लिए गए। जब पैसे मांगे तो जान से मारने की धमकी दी गई और अश्लील फोटो वायरल करने की कोशिश की गई।
आज अदालत के फैसले ने साबित कर दिया कि सच चाहे जितना दबाया जाए, जीत उसी की होती है।”
उन्होंने कहा कि यह फैसला उन सभी पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण है, जो ठगी, धमकी और मानसिक उत्पीड़न के बावजूद न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
