नैनीताल बैंक में 6 करोड़ का महाघोटाला!
एलआर साह रोड शाखा में खेला गया बैंकिंग सिस्टम से खुला खेल
पूर्व शाखा प्रबंधक समेत 4 पर FIR की तैयारी, 37 खाते फ्रॉड घोषित
अल्मोड़ा। सरकारी बैंकिंग सिस्टम की पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। दि नैनीताल बैंक लिमिटेड की एलआर साह रोड शाखा में करीब 6.09 करोड़ रुपये के महाघोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक की आंतरिक जांच और ऑडिट रिपोर्ट में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक राहुल पंत सहित चार लोगों के खिलाफ कोतवाली अल्मोड़ा में एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति की गई है।
कैसे खुला घोटाले का राज?
बैंक के वर्तमान शाखा प्रबंधक प्रकाश चंद्र पुजारी की तहरीर पर पहले 31 मार्च को दो संदिग्ध खातों में आर्थिक अपराध का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद जब जांच का दायरा बढ़ा, तो जांच समिति की रिपोर्ट ने पूरे बैंक प्रबंधन को हिला कर रख दिया। जांच में 37 ऋण खातों में भारी गड़बड़ी पाई गई, जिनमें नियमों को ताक पर रखकर ऋण बांटे गए।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
👉 स्वीकृत सीमा से कई गुना अधिक ऋण पास
👉 बिना अनुमति ऋण सीमा में बढ़ोतरी
👉 बैंक दस्तावेजों में खुली हेराफेरी
👉 खाताधारकों की जानकारी के बिना लेन-देन
👉 कई खातों में खाताधारकों से मिलीभगत
इन गंभीर आरोपों की जड़ में तत्कालीन शाखा प्रबंधक राहुल पंत की भूमिका सामने आई है।
🚨 37 खाते फ्रॉड घोषित, करोड़ों का नुकसान
बैंक प्रबंधन के अनुसार— 🔴 2 खाते अप्रैल 2025 में फ्रॉड घोषित 🔴 35 खाते सितंबर 2025 में फ्रॉड की श्रेणी में 25 सितंबर 2025 तक करीब 6.09 करोड़ रुपये की सार्वजनिक धनराशि डूब चुकी है, जबकि ब्याज जुड़ने से नुकसान और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
