टनकपुर में ₹10 करोड़ से अधिक की MDMA ड्रग्स के साथ महिला गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर पुलिस की नज़र
हल्द्वानी, 12 जुलाई, 2025 — कुमाऊं रेंज में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उत्तराखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कुमाऊं, रिद्धिम अग्रवाल के नेतृत्व में चंपावत और पिथौरागढ़ पुलिस की एक संयुक्त टीम ने टनकपुर क्षेत्र से 5.688 किलोग्राम एमडीएमए (MDMA) ड्रग्स बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹10 करोड़ 23 लाख 84 हज़ार आंकी गई है। इस सिलसिले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है, और पुलिस अब एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से उसके संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
शारदा नहर के पास हुई गिरफ्तारी
यह कार्रवाई शुक्रवार, 12 जुलाई को सुबह करीब 5:45 बजे टनकपुर स्थित गढ़ीगोठ पुल के पास शारदा नहर क्षेत्र में की गई। चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर एक संदिग्ध महिला भागने लगी, जिसे तत्काल पकड़ लिया गया। महिला के पास मौजूद काले बैग की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में एमडीएमए ड्रग्स मिली। ड्रग्स की पुष्टि मौके पर ड्रग डिटेक्शन किट से की गई।
गिरफ्तार महिला की पहचान ईशा (22 वर्ष), पत्नी राहुल कुमार, निवासी ग्राम पम्पापुर, थाना बनबसा, जनपद चंपावत के रूप में हुई है।
पति और साथी पहले से वांछित
पुलिस पूछताछ में ईशा ने खुलासा किया कि यह ड्रग्स उसे 27 जून को उसके पति राहुल कुमार और उसके साथी कुनाल कोहली (निवासी टनकपुर) ने दी थी। चौंकाने वाली बात यह है कि ये दोनों आरोपी पहले से ही महाराष्ट्र के ठाणे में एनडीपीएस एक्ट के एक अन्य मामले में वांछित हैं।
महिला ने बताया कि पुलिस की बढ़ती सख्ती के कारण उसके पति ने उसे यह ड्रग्स नहर में फेंकने के लिए कहा था, लेकिन इससे पहले कि वह ऐसा कर पाती, उसे पकड़ लिया गया।
“एक्स्टसी” या “मौली” के नाम से मशहूर MDMA
जब्त किया गया पदार्थ एमडीएमए, जिसे आमतौर पर “एक्स्टसी” या “मौली” के नाम से जाना जाता है, एक सिंथेटिक ड्रग है। यह युवाओं के बीच, खासकर पार्टी और क्लब कल्चर में तेजी से फैल रही है। यह नशा न सिर्फ अवैध है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक है।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर पुलिस की नज़र
महिला आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/21/22 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब फरार आरोपियों – राहुल कुमार और कुनाल कोहली की तलाश में जुट गई है। इसके साथ ही, पुलिस इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लाई चैन, विशेष रूप से नेपाल सीमा और नाइजीरियाई नेटवर्क से जुड़े संभावित लिंक की भी गहराई से जांच कर रही है।
इस महत्वपूर्ण सफलता के लिए आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने पुलिस टीम को ₹20,000 नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने दोहराया कि उत्तराखंड पुलिस नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई में पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
