Uttarakhand News Today: निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम, हाईकोर्ट में सरकार ने दी बड़ी जानकारी
🏫 उत्तराखंड में निजी स्कूलों की फीस पर निगरानी, सरकार ने गठित की सलाहकार समिति
नैनीताल। उत्तराखंड सरकार ने सोमवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय (Uttarakhand High Court) को बताया कि राज्य के निजी स्कूलों (Private Schools in Uttarakhand) द्वारा छात्रों से अधिक फीस (Extra Fees) वसूलने की शिकायतों की जांच के लिए एक सलाहकार समिति (Advisory Committee) गठित की गई है।
सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया कि अब अभिभावक (Parents) सीधे इस समिति के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
यह जानकारी नैनीताल हाईकोर्ट (Nainital High Court) में दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान दी गई, जिसमें राज्यभर के कई निजी विद्यालयों पर निर्धारित शुल्क से अधिक फीस वसूलने (School Fees Overcharge) का आरोप लगाया गया था।
सुनवाई के दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी (Chief Education Officer, Nainital) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने फीस, यूनिफॉर्म, खेलकूद, शैक्षणिक यात्राएं और एक ही दुकान से किताबें खरीदने की अनिवार्यता जैसे मामलों की जांच के लिए समिति बनाई है।
वहीं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अदालत को बताया कि उन्हें अब तक किसी भी छात्र या अभिभावक से इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक माहरा की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता अपनी शिकायत पहले सलाहकार समिति के समक्ष प्रस्तुत करें। इसके बाद न्यायालय ने मामला निपटा दिया।
यह जनहित याचिका हल्द्वानी निवासी दीपचंद्र पांडे (Deepchandra Pandey) द्वारा दायर की गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई निजी स्कूल अभिभावकों से तय सीमा से अधिक फीस वसूल रहे हैं, साथ ही बच्चों को निर्धारित दुकानों से किताबें, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जिनकी कीमतें आम बाजार से कहीं अधिक हैं।
वहीं, स्कूल प्रबंधनों (School Managements) की ओर से यह दलील दी गई कि पुस्तकों, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का उद्देश्य केवल यह है कि अभिभावकों को अलग-अलग दुकानों के चक्कर न लगाने पड़ें और सत्र (Academic Session) समय पर शुरू हो सके।
