सोना-चांदी में भूचाल! ऑल टाइम हाई के बाद अचानक धड़ाम, एक दिन में चांदी 44 हजार टूटी
नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लगातार रिकॉर्ड बना रहे सोना और चांदी अचानक औंधे मुंह गिर पड़े। निवेशकों की ताबड़तोड़ मुनाफा वसूली ने बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया और MCX खुलते ही दोनों धातुएं लाल निशान में फिसलती नजर आईं।
चांदी में ऐतिहासिक गिरावट, एक झटके में 44 हजार साफ
शुक्रवार को सबसे बड़ी मार चांदी पर पड़ी। MCX पर चांदी का वायदा भाव करीब 34,293 रुपये टूट गया। 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी फिसलकर 3,65,600 रुपये प्रति किलो तक आ गई।
गौरतलब है कि महज एक दिन पहले गुरुवार को चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर पार किया था। कारोबार के अंत में यह 3,99,893 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। वहीं, चांदी का लाइफ टाइम हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया था, जहां से एक ही दिन में करीब 44,148 रुपये की भारी गिरावट दर्ज हुई।
सोने में भी तेज झटका, 10 ग्राम पर 8 हजार तक की गिरावट
सोने के निवेशकों को भी शुक्रवार को झटका लगा। MCX पर सोना खुलते ही करीब 8,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया। रिकॉर्ड तेजी के बाद अचानक आई इस गिरावट ने बाजार की चाल पलट दी।
गुरुवार को बना था नया इतिहास
ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के मुताबिक, गुरुवार को चांदी ने लगातार चौथे सत्र में जबरदस्त तेजी दिखाई थी। चांदी 19,500 रुपये या 5.06% की छलांग के साथ 4,04,500 रुपये प्रति किलो (टैक्स सहित) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।
वहीं 99.9% शुद्धता वाला सोना भी 12,000 रुपये या 7.02% उछलकर 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
जनवरी में रिकॉर्ड तेजी, आंकड़े चौंकाने वाले
जनवरी महीने में अब तक:
- सोने की कीमतें 24% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं,
- जो जनवरी 1980 के बाद की सबसे बड़ी मासिक तेजी मानी जा रही है।
- वहीं चांदी ने करीब 62% की ऐतिहासिक छलांग लगाई है, जो इसके इतिहास की सबसे बड़ी मासिक तेजी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हल्की गिरावट देखने को मिली—
- कॉमेक्स पर सोना फिसलकर 5,412.40 डॉलर प्रति औंस पर आ गया,
- जबकि इससे पहले यह 5,586.20 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छू चुका था।
- चांदी भी नरमी के साथ 45 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जो पहले 119 डॉलर तक पहुंची थी।
क्यों मचा था उछाल और क्यों आई गिरावट?
विशेषज्ञों के मुताबिक,
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता,
- केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों को लेकर असमंजस,
- और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव
के चलते सोना-चांदी सुरक्षित निवेश के तौर पर चमक रहे थे। लेकिन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचते ही निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार में अचानक गिरावट देखने को मिली।
