पत्नी को पढ़ाया-लिखाया
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पत्नी को पढ़ाया-लिखाया,सपनों को उड़ान दी, खुद बन गया आरोपी: दारोगा पत्नी–पति विवाद का सच

हापुड़। उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बनी पत्नी द्वारा दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराए जाने से आहत ग्राम पूठा निवासी गुलशन कुमार न्याय की आस में एसपी हापुड़ कार्यालय पहुंचा। गुलशन ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने झूठा दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराकर उसकी जिंदगी और परिवार को बर्बाद करने की कोशिश की है।

गुलशन का कहना है कि वर्ष 2016 में प्रेम संबंध शुरू होने के बाद उसने 2021 में कोर्ट मैरिज और फिर 2022 में सामाजिक रीति-रिवाज से शादी की। उसका दावा है कि शादी में उसने एक रुपया भी दहेज नहीं लिया, बल्कि पत्नी की पढ़ाई और यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बनने तक पूरा सहयोग किया।

गुलशन के अनुसार 2023 में पायल रानी के सब-इंस्पेक्टर बनने के बाद व्यवहार बदल गया। पहले पत्नी घर आती-जाती थी, लेकिन बाद में न मिलना-जुलना शुरू हो गया। आरोप है कि इसी दौरान पत्नी ने उसके और उसके परिवार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज करा दिया।

गुलशन ने एसपी से गुहार लगाते हुए कहा कि जिस महिला से उसने बिना दहेज शादी की, वही आज दारोगा की वर्दी पहनकर उसे अपराधी बना रही है।

पत्नी का पलटवार: दहेज, मारपीट और तेजाब से जलाने की धमकी

वहीं दूसरी ओर पायल रानी ने पति गुलशन और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पायल का कहना है कि शादी में उसके पिता ने 48 जोड़ी कपड़े, सोना-चांदी और करीब 10 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन इसके बावजूद 10 लाख रुपये नकद और कार की मांग की जाती रही।

पायल का आरोप है कि ट्रेनिंग के दौरान उससे सैलरी की डिमांड की गई और पति के दबाव में उसे 10 लाख रुपये का लोन भी लेना पड़ा। सैलरी देने से इनकार करने पर मारपीट, गाली-गलौज, चरित्रहनन और तेजाब डालकर जलाने की धमकी दी गई। इसी से परेशान होकर उसने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई।

एसपी ने दिया भरोसा

एसपी हापुड़ ज्ञानंजय सिंह ने दोनों पक्षों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अब यह मामला प्रेम विवाह, पुलिस वर्दी और दहेज कानून के टकराव का उदाहरण बन गया है, जिसमें सच क्या है—यह जांच के बाद ही सामने आएगा।


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