कामरेड राजा बहुगुणा को अंतिम विदाई — क्रांतिकारी नारों के बीच निकली अंतिम यात्रा, रानीबाग में हुआ अंतिम संस्कार
बिंदुखत्ता/रानीबाग। भाकपा (माले) के केंद्रीय कंट्रोल कमीशन के चेयरमैन कामरेड राजा बहुगुणा को सोमवार को सैकड़ों लोगों ने भावभीनी अंतिम विदाई दी। बिंदुखत्ता पार्टी कार्यालय से निकली उनकी अंतिम यात्रा “कामरेड राजा बहुगुणा अमर रहें”, “लाल सलाम”, और “उनके अरमानों को मंज़िल तक पहुँचाएंगे” जैसे नारों से गूंजती रही। अंतिम यात्रा कार रोड बाजार से होती हुई विद्युत शवदाह गृह रानीबाग पहुँची, जहाँ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पार्टी कार्यालय में श्रद्धांजलि, एक मिनट का मौन
अंतिम यात्रा से पहले बिंदुखत्ता स्थित पार्टी कार्यालय में कामरेड राजा बहुगुणा के राजनीतिक और सामाजिक जीवन पर संक्षिप्त चर्चा हुई।
उनके संघर्ष, आंदोलनों में भागीदारी और सामाजिक बदलाव की लड़ाई में नेतृत्वकारी भूमिका को याद करते हुए साथियों ने एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद क्रांतिकारी नारों के साथ अंतिम यात्रा को रवाना किया गया।
सैकड़ों लोग अंतिम यात्रा में हुए शामिल
पूरे कार रोड बाजार में अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और कामरेड राजा बहुगुणा को लाल सलाम अर्पित करते रहे। रानीबाग पहुंचने पर समर्थकों, साथियों और स्थानीय लोगों ने अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी।
राजनैतिक, सामाजिक, साहित्यिक व सांस्कृतिक जगत के दिग्गज रहे उपस्थित
अंतिम यात्रा में विभिन्न संगठनों, पार्टियों और सामाजिक वर्गों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
भाकपा (माले) व अन्य संगठन से:
संजय शर्मा (पोलित ब्यूरो सदस्य),राजेन्द्र प्रथोली,राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी,एआईपीएफ संयोजक गिरिजा पाठक,बहादुर सिंह जंगी,उप्पा अध्यक्ष पी.सी. तिवारी,महासचिव प्रभात ध्यानी,महिला मंच संयोजक कमला पंत,जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जहूर आलम,अधिवक्ता कैलाश जोशी,संजय जोशी (जसम),ऐक्टू प्रदेश महामंत्री के.के. बोरा,किसान महासभा प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी,माले नेता गोविंद कफलिया, अतुल सती आदि।
साहित्य–शिक्षा–संस्कृति जगत से:
इतिहासकार शेखर पाठक,प्रो. उमा भट्ट,साहित्यकार अशोक पांडे,प्रो. गिरिजा पांडे,डॉ. कैलाश पांडे,वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन रौतेला,अन्य कई सामाजिक प्रतिनिधि।
राजनीतिक प्रतिनिधि:
पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल,अशोक डालाकोटी,सीपीएम के मासूफ अली,
सामाजिक कार्यकर्ता, पूर्व सैनिक, युवा संगठन और कई स्थानीय जनप्रतिनिधि।
अंतिम संस्कार के दौरान कामरेड राजा बहुगुणा की पत्नी रेखा बहुगुणा, भाई राजीव बहुगुणा, पुत्री संयुक्ता सहित परिजन मौजूद रहे। परिवार सहित समर्थकों ने क्रांतिकारी नारों के बीच उन्हें अंतिम बार लाल सलाम अर्पित किया।
भाकपा (माले) नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पांडे का वक्तव्य
जिला सचिव डॉ. कैलाश पांडे ने बताया कि कामरेड राजा बहुगुणा का जाना जन आंदोलनों, श्रमिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए अपूरणीय क्षति है।
उन्होंने कहा कि—
“कामरेड राजा बहुगुणा के सपनों और संघर्षों को मंज़िल तक पहुँचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

